“विद्यापति के पदों में भक्ति, प्रेम और लोकभाषा की सहज माधुरी है .. शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विद्यापति स्मृति समारोह का हुआ भव्य शुभारंभ
कटनी (प्रबल सृष्टि) – भोजपुरी साहित्य अकादमी तथा मप्र सांस्कृतिक परिषद, भोपाल के सौजन्य एवं जिला प्रशासन तथा शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय कटनी के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को विद्यापति स्मृति समारोह का शुभारंभ महाविद्यालय परिसर में गरिमामय वातावरण में हुआ। यह दो दिवसीय समारोह साहित्य, संगीत, नृत्य और लोक परंपराओं के विविध आयामों को समर्पित है।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के तैल-चित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात उपस्थित सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया गया। इसी क्रम में तिलक महाविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।
समारोह के प्रथम दिवस में सुप्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना डॉ. विजया शर्मा के निर्देशन में मनमोहक प्रस्तुति दी गई। वे पिछले 30 वर्षों से नृत्य और साहित्य के समन्वय को अपनी साधना का आधार बनाकर कार्यरत हैं। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को साहित्यिक भावबोध एवं शास्त्रीय नृत्य की अद्भुत संगति से अभिभूत किया। उन्होंने मैथिल कोकिल विद्यापति की कविताओं पर अपनी सुंदर प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम मे डॉ. विजया शर्मा ने कहा कि “विद्यापति के पदों में भक्ति, प्रेम और लोकभाषा की सहज माधुरी है। मेरी प्रस्तुति इसी माधुर्य को नृत्य-भावों के माध्यम से दर्शकों तक पहुँचाने का प्रयास है, ताकि साहित्य और नृत्य का यह संगम हृदय को छू सके।”
तिलक महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत शैला नृत्य ने समारोह में ग्रामीण चेतना और लोकजीवन की झलक से सभी का मन मोह लिया। यह नृत्य विशेष रूप से फसल की कटाई और नए अन्न के घर आगमन की खुशी में किया जाता है और गोंड जनजाति की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा हुआ है। छात्राओं की आकर्षक प्रस्तुति ने उपस्थित जनों को ग्रामीण जीवन की सहजता, उल्लास और सांस्कृतिक गहराई का मार्मिक अनुभव कराया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सुनील कुमार वाजपेई ने कहा कि “विद्यापति स्मृति समारोह हमारे संस्थान की सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में साहित्य, संगीत एवं लोककलाओं के प्रति संवेदना विकसित होती है। हम आगे भी इसी प्रकार पारंपरिक और आधुनिक कला-धाराओं के संरक्षण हेतु प्रयासरत रहेंगे।”
कार्यक्रम में मंच संचालन एवं एंकरिंग की भूमिका का सफलतापूर्वक निर्वहन सादात भारती द्वारा किया गया, जिनकी सधी हुई प्रस्तुति ने पूरे समारोह को संयोजित और प्रभावी बनाया। समारोह के दूसरे दिन साहित्य एवं संस्कृति से जुड़े विभिन्न सत्रों और प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर सिलिकोबाइट संस्थान के निदेशक डॉ. पारस, साथ ही महाविद्यालय की प्रशासनिक अधिकारी डॉ. माधुरी गर्ग, प्रो. जी. एम. मुस्तफा, भूगोल विभाग के अध्यक्ष डॉ. व्ही. के. द्विवेदी, समाजशास्त्र विभाग से आर. पी. मिश्रा, राजनीति विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. के. पी. मिश्रा, अंग्रेजी विभाग की अध्यक्ष नाहिद सिद्दीकी, रसायनशास्त्र विभाग के प्रमुख श्री पुनर्वसु भट्टाचार्य, एनएसएस जिला संगठक डॉ. आर. पी. सिंह, पुस्तकालय अधिकारी श्री देवी प्रजापति, डॉ. उर्मिला दुबे, डॉ. प्रतिमा त्रिपाठी, डॉ. सूचि सिंह, डॉ. विजय कुमार तथा डॉ. सुशील मिश्रा सहित अनेक कर्मचारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।


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