नहर तोड़ने, बंद करने और पानी रोकने वालों से भी सख्ती से निपटने के निर्देश - प्रबल सृष्टि - मध्य प्रदेश के कटनी जिले का समाचार पत्र

प्रबल सृष्टि - मध्य प्रदेश के कटनी जिले का समाचार पत्र

अज्ञानता अंधकार की निशानी है - ज्ञान उजाले का - कटनी जिले का समाचार पत्र - संपादक - मुरली पृथ्यानी

Hot

Thursday, September 14, 2017

नहर तोड़ने, बंद करने और पानी रोकने वालों से भी सख्ती से निपटने के निर्देश

कटनी / हमारी पहली प्राथमिकता पेयजल है। पानी बेफिजूल बर्बाद हो, हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। जल संसाधन विभाग का अमला फील्ड पर मुस्तैद रहे। कोताही पर कार्यवाही होगी। ये निर्देश जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने दिये। इस दौरान मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल और बहोरीबंद विधायक कुंवर सौरभ सिंह भी मौजूद थे। दोनों ही विधायकों ने भी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये।
            विधायक संदीप जायसवाल ने शहरी क्षेत्र और कटनी विधानसभा क्षेत्र की पेयजल व कृषि सिंचाई के लिये जल की व्यवस्था पर अपनी बात रखी। उन्होने कहा कि हमारा उद्वेश्य जनहित होना चाहिये। पेयजल समस्या ना आये, इसलिये नगरीय क्षेत्र में नगर निगम अभी से मुस्तैदी से कार्य करे। अमेहटा डैम की हाईट बढ़ाने के लिये ट्रिपल आर के तहत भेजा गया प्रस्ताव रिवाईज करवाकर भिजवाने के निर्देश उन्होने दिये। वहीं डब्ल्यूआरडी को छोटी नदियों में कम हाईट के स्टॉप डैम बनाने के प्रस्ताव तैयार करने की बात कही।
            बैठक में बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र से विधायक कुंवर सौरभ सिंह ने डब्ल्यूआरडी के अधिकारियों को पठार क्षेत्र, जहां कि ग्रीष्म काल में पेजयल समस्या गहराती है, वहां पर मुस्तैदी से कार्य करते हुये कार्ययोजना अभी से बनाने के निर्देश दिये। उन्होने एनव्हीडीए की नहरों का पानी भी इसके उपयोग में लाने की व्यवस्था करने की बात कही।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट तौर पर आदेश देते हुये कहा कि पानी छोड़ने की मांग किसी क्षेत्र से मिलने पर चौबीस घंटे में निराकरण करें। मांग प्राप्त होते ही जल संसाधन और कृषि विभाग का अमला उसका परीक्षण करे और एसडीएम को रिपोर्ट करे। मांग यथोचित् होने की स्थिति से एसडीएम की अनुमति से ही पानी छोड़ा जाये। जिस समय जलाशयों से पानी छोड़ा जाये, उस दौरान जल संसाधन का विभागीय अमला क्षेत्र में मौजूद हो। जोकि काम हो जाने पर पानी बंद करायें।
सख्त लहजे में कलेक्टर ने कहा कि कोई भी अधिकारी मेरे ऑर्डर को ओवररुल्ड नहीं करेगा। जो भी अधिकारी, कर्मचारी इस गंभीर विषय में लापरवाही बरतेंगे, उनके विरुद्व कार्यवाही की जायेगी। उपयंत्री फील्ड पर मौजूद हैं या नहीं, इसकी मॉनीटरिंग लोकसेवक एप से करने की बात भी कलेक्टर ने कही।
नहर तोड़ने, बंद करने और पानी रोकने वालों से भी सख्ती से निपटने के निर्देश 
उन्होने कहा कि एैसे व्यक्तियों के विरुद्व डब्ल्यूआरडी का स्टाफ शासकीय कार्य में बाधा की एफआईआर कराये। यदि एफआईआर लिखाने में कोई समस्या आये, तो सीधे मुझसे मोबाईल पर संपर्क करें। वर्तमान में जिन जलाशयों से पानी छोड़ा जा रहा है, उसका भौतिक सत्यापन करने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिये।
कृषि विभाग के अधिकारियों को कम पानी में पैदा होने वाले बीजों को किसानों को मुहैया कराने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिये। उन्होने कहा कि इसके प्रति कृषकों के मध्य जागरुकता लायें कि वे कम पानी में पैदावार देने वाले बीजों का उपयोग करें।
जल उपभोक्ता संस्थाओं द्वारा नहरों के मेन्टिनेन्स की राशि प्रति हेक्टेयर बहुत कम होने की जानकारी भी दी गई। जिस पर विभाग को राशि बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। मनरेगा के तहत नहरों के संधारण के कुछ कार्य कराने का स्टीमेट डब्ल्यूआरडी को बनाने के निर्देश कलेक्टर ने दिये। उन्होने कहा कि अपने तकनीकी मार्गदर्शन में ग्राम पंचायतों से यह कार्य करायें।

No comments:

Post a Comment