'सर... पैसे नहीं हैं, इसलिए नहीं पढूंगी' छात्रा की आंखों से छलके आंसू तो समझ आई मजबूरी, प्राचार्य बोले - तुम बस स्कूल आओ, फीस की चिंता मत करो
कटनी (प्रबल सृष्टि) रीठी जनपद क्षेत्र अंतर्गत घनघोर जंगलों के बीच बसे आदिवासी ग्राम नेगवा की कक्षा 10वीं उत्तीर्ण छात्रा नीतू की पढ़ाई आर्थिक तंगी के कारण रुकने की कगार पर थी। आगे पढ़ने के लिए विद्यालय लगातार उसे बुला रहा था, लेकिन नीतू स्कूल आने को तैयार नहीं थी। जब प्राचार्य ने घर पहुंचकर उससे पढ़ाई छोड़ने की वजह पूछी तो उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उसने कहा-'सर, पैसे नहीं हैं, इसलिए नहीं पढूंगी।' नीतू की पढ़ाई जारी रखने के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेगवा के प्राचार्य विपिन तिवारी और विद्यालय का स्टाफ करीब 40 बार उसके घर पहुंच चुका था। हालाकि हर बार घर पर उसके दादाजी ही मिलते और बताते कि नीतू खेत गई है। बीते दिवस प्राचार्य की कोशिश सफल हुई और उनकी मुलाकात नीतू से हो गई। पढ़ाई की बात शुरू होते ही नीतू ने साफ कह दिया कि वह आगे नहीं पढ़ना चाहती। प्राचार्य ने जब इसका कारण पूछा तो वह भावुक हो गई। बातचीत में सामने आया कि परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि उसके पिता आगे की पढ़ाई का खर्च उठा सकें। इसी मजबूरी के चलते उसने स्कूल छोड़ने का मन बना लिया था। प्राचार्य ने दिय...