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Showing posts from May, 2026

सतगुरु देह का नाम नहीं है, सतगुरु होता ज्ञान है, सतगुरु को देह समझना भूल है अज्ञान है, संत निरंकारी सत्संग भवन माधवनगर में महात्मा शंकर भाषानी जी ने विचार व्यक्त किए

कटनी (मुरली पृथ्यानी ) हरदेव वाणी के शब्द से भी सतगुरु के दर्शन का जो महत्व है, वो बताया जा रहा है क्योंकि अध्यात्म में सतगुरु के दर्शन का बहुत बड़ा महत्व माना गया है बोला भी गया है कि गुरु बिन गत नहीं और शाह बिन पत नहीं। एक सतगुरु ही होता है जो हमें मानव जीवन के मूल उद्देश्य अर्थात आत्मा को परमात्मा से मिलाने का कार्य करता है और किसी के अंदर ये क्षमता नहीं होती है। हर एक वस्तु का, हर एक चीज का, हर एक विषय का कोई ना कोई प्रतीक हुआ करता है। जिस प्रकार से हम रोड पर जा रहे हैं और लाल बत्ती जलती है। इसका मतलब रुकने का संदेश है, हरी बत्ती जलती है, चलने का संदेश है। एरो बना होता है, उस तरफ मुड़ने का संकेत है, इसी प्रकार सतगुरु भी जो हुआ करता है, वो इस साकार ब्रह्म का प्रतीक होता है, ऐसा सब गुण साकार का प्रतीक होता है। निराकार है साकार तू जग के पालनहार। जो सतगुरु होता है, इस साकार का स्वरूप हुआ करता है। उक्त विचार संत निरंकारी सत्संग भवन माधवनगर में रविवार के सत्संग में हरदेववाणी के शब्द पर महात्मा शंकर भाषानी जी ने उपस्थित साध संगत के समक्ष व्यक्त किए। उन्होंने कहा जल में कुंभ है, कुंभ में जल ...

समर्पण दिवस - जीवन में सुकून इसलिए नहीं कि आप भी हो, सुकून सिर्फ इसलिए कि आप ही हो, तेरे रहमो करम के किस्से अनेक हैं मेरे रहबर, लफ्ज़ पड़ जाते हैं कम बयां करते-करते, संत निरंकारी सत्संग भवन माधवनगर में रीवा से पधारीं प्रचारक महात्मा खुशबू ठारवानी जी ने विचार व्यक्त किए

कटनी (मुरली पृथ्यानी) अगर पूरे संसार की धरती को कागज बना दिया जाए, वनस्पति को कलम बना दिया जाए और ब्रह्मांड में जितना भी पानी है, उससे स्याही बना दी जाए, तो भी सतगुरु की रहमतों को बयान नहीं किया जा सकता। सतगुरु की निगाह जिस पर पड़ी, वह हीरा बन जाता है, वह पत्थर ही देवता बन जाता है। हम भी पत्थरों में पड़े थे, एक मेहरबान, एक मसीहा आया, जिसने पूजा के काबिल बनाया। सतगुरु की निगाह जिस पर पड़ी, वह जर्रा भी खिल गया। सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी महाराज के इतने रहम-ओ-करम हैं जिन्होंने जीवन पर्यन्त शिक्षाएं भी दीं और साथ में भक्ति मार्ग में किस प्रकार हमें टिके रहना है, वह भी समझाया और पूरे ही श्लोक में हमने सुना भी कि भक्ति और समर्पण, ये दो शब्द बहुत इस्तेमाल किए गए हैं, लेकिन सबसे पहले बात ये आती है कि हमें समझना होगा कि समर्पण है क्या ? अक्सर हम कह भी देते हैं कि हमें समर्पण करना है, मुझे समर्पण करना है लेकिन समर्पण की परिभाषा ही यह है कि मुझे कुछ करना ही ना पड़े, वह एफ़र्टलेस हो। उक्त विचार 13 मई समर्पण दिवस के अवसर पर संत निरंकारी सत्संग भवन माधवनगर में रीवा से पधारीं प्रचारक महात्मा खुशबू ठार...

चुनौतियों को पार कर युवा पत्रकारों को दिशा देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों का अभिनंदन, कलेक्टर आशीष तिवारी, एसपी अभिनय विश्वकर्मा समेत अन्य अतिथियों ने वरिष्ठ पत्रकारों के योगदान को सराहा

कटनी (प्रबल सृष्टि) अंतरराष्ट्रीय पत्रकार संगठन वॉइस ऑफ मीडिया कटनी द्वारा होटल उर्वशी में वरिष्ठ पत्रकार सम्मान समारोह का गरिमामयी एवं भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले की पत्रकारिता को नई दिशा देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान कर उनके योगदान की सराहना की गई।समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कटनी जिले के कलेक्टर आशीष तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, एडिशनल एसपी डॉ. संतोष डेहरिया एवं वाइस ऑफ मीडिया के प्रदेश अध्यक्ष दीपक शर्मा की मौजूदगी रही। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंचासीन अतिथियों का स्वागत वॉइस ऑफ मीडिया के जिलाध्यक्ष शैलेष पाठक, महासचिव अशोक वर्मा, उपाध्यक्ष संजय गुप्ता एवं सह सचिव कमलेश तिवारी ने पुष्पहार अर्पित कर किया। इसके उपरांत जिले की पत्रकारिता के पुरोधाओं को सम्मानित करने का सिलसिला प्रारंभ हुआ। संगठन द्वारा वरिष्ठ पत्रकार कृष्णकांत अग्निहोत्री भोला बाबू का शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया। इसी क्रम में वरिष्ठ पत्रकार श्याम ...

भक्ति का दान मिल जाए, तो सहजता जीवन में आती है, किसी के कर्मों से किसी का दिल ना दुखे, ये सबसे बड़ी भक्ति है, संत निरंकारी सत्संग भवन माधवनगर में प्रचारक काजल साधवानी जी ने विचार व्यक्त किए

कटनी (मुरली पृथ्यानी) संगत मां, एक ऐसा आईना, जहां एक तरफ जीवन जीने की प्रेरणा, वहीं व्यवहार, और गुरु के दर पर कैसे प्रीत निभानी है, यह सिखलाई बार-बार हम श्रवण कर रहे हैं। संपूर्ण हरदेव वाणी में बाबा जी ने यह इस रूप में कहा कि धन्य है वह सिख जिस पर सतगुरु को विश्वास है। हम वो खुश किस्मत गुरसिख हैं जिन्हें सतगुरु ने विश्वास करके संगत मां की गोद में बैठाया है। यह समझाया है कि निखारते चले जाए नित्य प्रतिदिन अपने जीवन को, आज गुरु दर पर हाजरी उन्हीं की लगी है, जिन पर गुरु की निगाह पड़ गई।   गुरु का विश्वास जीवन में तभी आता है, जब गुरु सिख गुरु की बात मान ले, उसके वचनों को मान देने लगे, उसकी सिखलाइयों को ढालने लगे जीवन में। गुरु को विश्वास था माता शबरी पर तभी तो ज्ञान की बख्शीश देकर इंतजार की रहमत करवाई कि एक दिन जरूर आएंगे तुझे मुक्त करने के लिए। विश्वास था तभी तो मीराबाई के सामने उसके गुरु ने भेद को खोल दिया कि तू चाहे वन में रहे चाहे राज भवन में रहे, इस मान की कृपा तेरे सर से कभी नहीं जाती। उन्हें जहर के प्याले भी दिए गए, लेकिन फिर भी बाल बांका नहीं हुआ, क्योंकि गुरु की ...

दिल्ली पब्लिक स्कूल की कक्षा आठवीं की छात्रा आर्शिया गेलानी UCMAS से ग्रेजुएट हुईं, माता पिता ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ईश्वर का आभार प्रकट किया, प्राचार्या ने दीं शुभकामनाएं

कटनी (प्रबल सृष्टि) उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में दिल्ली पब्लिक स्कूल की कक्षा आठवीं की छात्रा कु. आर्शिया गेलानी UCMAS से ग्रेजुएट हो गई हैं। Indore में आयोजित ग्रेजुएशन समारोह में उन्हें डिग्री प्रदान की गई। यह उपलब्धि उनके परिवार के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है। पिता श्री मनीष कुमार गेलानी एवं माता श्रीमती वंदना गेलानी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ईश्वर का आभार प्रकट किया। आर्शिया ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी गुरु श्रीमती निधि जैन के मार्गदर्शन को दिया। डीपीएस विद्यालय की प्राचार्या ने भी उन्हें शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।