कटनी (प्रबल सृष्टि) अंतरराष्ट्रीय पत्रकार संगठन वॉइस ऑफ मीडिया कटनी द्वारा होटल उर्वशी में वरिष्ठ पत्रकार सम्मान समारोह का गरिमामयी एवं भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले की पत्रकारिता को नई दिशा देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान कर उनके योगदान की सराहना की गई।समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कटनी जिले के कलेक्टर आशीष तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, एडिशनल एसपी डॉ. संतोष डेहरिया एवं वाइस ऑफ मीडिया के प्रदेश अध्यक्ष दीपक शर्मा की मौजूदगी रही। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंचासीन अतिथियों का स्वागत वॉइस ऑफ मीडिया के जिलाध्यक्ष शैलेष पाठक, महासचिव अशोक वर्मा, उपाध्यक्ष संजय गुप्ता एवं सह सचिव कमलेश तिवारी ने पुष्पहार अर्पित कर किया। इसके उपरांत जिले की पत्रकारिता के पुरोधाओं को सम्मानित करने का सिलसिला प्रारंभ हुआ। संगठन द्वारा वरिष्ठ पत्रकार कृष्णकांत अग्निहोत्री भोला बाबू का शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया। इसी क्रम में वरिष्ठ पत्रकार श्याम ...
भक्ति का दान मिल जाए, तो सहजता जीवन में आती है, किसी के कर्मों से किसी का दिल ना दुखे, ये सबसे बड़ी भक्ति है, संत निरंकारी सत्संग भवन माधवनगर में प्रचारक काजल साधवानी जी ने विचार व्यक्त किए
कटनी (मुरली पृथ्यानी) संगत मां, एक ऐसा आईना, जहां एक तरफ जीवन जीने की प्रेरणा, वहीं व्यवहार, और गुरु के दर पर कैसे प्रीत निभानी है, यह सिखलाई बार-बार हम श्रवण कर रहे हैं। संपूर्ण हरदेव वाणी में बाबा जी ने यह इस रूप में कहा कि धन्य है वह सिख जिस पर सतगुरु को विश्वास है। हम वो खुश किस्मत गुरसिख हैं जिन्हें सतगुरु ने विश्वास करके संगत मां की गोद में बैठाया है। यह समझाया है कि निखारते चले जाए नित्य प्रतिदिन अपने जीवन को, आज गुरु दर पर हाजरी उन्हीं की लगी है, जिन पर गुरु की निगाह पड़ गई। गुरु का विश्वास जीवन में तभी आता है, जब गुरु सिख गुरु की बात मान ले, उसके वचनों को मान देने लगे, उसकी सिखलाइयों को ढालने लगे जीवन में। गुरु को विश्वास था माता शबरी पर तभी तो ज्ञान की बख्शीश देकर इंतजार की रहमत करवाई कि एक दिन जरूर आएंगे तुझे मुक्त करने के लिए। विश्वास था तभी तो मीराबाई के सामने उसके गुरु ने भेद को खोल दिया कि तू चाहे वन में रहे चाहे राज भवन में रहे, इस मान की कृपा तेरे सर से कभी नहीं जाती। उन्हें जहर के प्याले भी दिए गए, लेकिन फिर भी बाल बांका नहीं हुआ, क्योंकि गुरु की ...