कटनी। (प्रबल सृष्टि) ओव्हर लोडिंग और ओव्हर स्पीडिंग नागरिकों की जान माल के लिए खतरा पैदा कर देता है खासकर जब यह रिहायशी क्षेत्रों और बीच बाजार से गुजरते हैं इसके लिए शासन और विभागों के तमाम निर्देश भी हैं। नियमानुसार कार्य करके तो 80 प्रतिशत दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है लेकिन तब जब ओव्हर-लोडिंग, ओव्हर-स्पीडिंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही हो। आवश्यक जाँच-पड़ताल, नियमानुसार कार्यवाही और लोगों को जागरूक करने से ही बड़ा बदलाव आ सकता है। सड़क सुरक्षा के लिये सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार गठित समितियों की नोडल एजेंसियों में परिवहन, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य, आबकारी एवं सड़क निर्माण से संबंधित विभाग हैं। इन नोडल एजेंसियों का कर्त्तव्य है कि वे लोगों के जीवन को बचाने में अपना शत-प्रतिशत योगदान दें। सड़क दुर्घटनाओं के कारणों को जानकर दुर्घटना से पहले ही रोकथाम के पर्याप्त उपाय सुनिश्चित करना होता है इससे दुर्घटनाओं में कमी लायी जाकर लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती हैं। जहां भी ओव्हर लोडिंग और ओव्हर स्पीडिंग होती है, आम जनता के जान माल की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। इधर कलेक्टर आशीष तिवारी ...
जिन घरों में बहनों, बेटियों और माताओं का सत्कार होता है, वहाँ साक्षात लक्ष्मी का वास होता है, जहाँ संतों की कृपा दृष्टि होती है, वहाँ निरंकार स्वयं रक्षा करता है, संत निरंकारी सत्संग भवन माधवनगर में रविवार के सत्संग में महात्मा नोतनदास केवलानी जी ने विचार व्यक्त किए
कटनी (मुरली पृथ्यानी) वाणी के अंदर सतगुरु ने फरमाया है कि निरंकार प्रभु आप ही सबका पर्दा रखता है। कठिन समय, दुःख और मुसीबत के समय वह हमेशा हाथ देकर हमारी रक्षा करता है। ऐसा सुंदर संदेश हमें दिया गया है। हम सभी को अपने मन में झांक कर देखना चाहिए कि क्या हम वाकई 'निज' (सच्चे रूप में गुरु के) बन पाए हैं ? निज वही होता है जो सारी साध संगत से निश्छल प्यार करता है, सबका सत्कार करता है और सबका सम्मान करता है। वह कभी किसी संत के ऊपर क्रोध या गुस्सा नहीं करता। अगर कोई संत कुछ कह भी दे, तो वह सहन कर लेता है और प्रेम का व्यवहार बनाए रखता है। सब में निरंकार रूप विराजमान है। शहंशाह बाबा अवतार सिंह जी महाराज हमेशा कहा करते थे कि इस निरंकार को हमेशा अपने बीच में रखो और इसका एहसास हर पल अपने मन में बसा कर रखो। बाबा हरदेव सिंह जी महाराज हमेशा समझाते थे कि कोई भी बात करो, तो हमेशा सोच-समझ कर किया करो; ऐसा करने से कभी कोई गलती नहीं होगी। इंसान जब इस निरंकार प्रभु को भुला देता है, तब उसके मन में जो भी सांसारिक आवाजें या भाव आते हैं, वह उन्हें वैसे ही प्रकट कर देता है। अगर हम ऐसा करते हैं, तो हम गु...