कटनी (मुरली पृथ्यानी) इन साँसों का सही मोल, इंसान तभी डाल पाता है, जब इस परम पिता परमात्मा, निराकार, जो अंग संग है, कण कण में व्याप्त है, शास्त्रों में भी जिसकी परिभाषा, सर्व व्यापक, सर्वभौमिक और सर्वज्ञ लिखी हुई है, उसे सद्गुरु की कृपा से जान पाता है। आज इंसान अपने जीवन में बहुत सूना सूना सा महसूस कर रहा है। जबकि हर सुख सुविधा, इंसान के हिस्से में है। हर प्रकार से, उसके जीवन में, वह सुख और खुशियाँ, जो सांसारिक रूप की हैं, वह इंसान के पास है, फिर भी वह सूना सूना, अपने जीवन को महसूस कर रहा है उसका मूल कारण क्या है? मूल कारण, ये परम पिता परमात्मा, जिसको उसे जानना है। इस परमात्मा के साथ, उसको अपने इस अस्तित्व की मुलाकात करवानी है उससे वो अनभिज्ञ है। आज इंसान, बाहरी आडंबर, बाहरी कर्मकांड को भक्ति मानकर संसार में चल रहा होता है। शारीरिक व्यवस्था को एक स्थिर रूप में संसार में अगर कोई, ऐसा कार्य कर रहा, उसे भक्ति मानकर चल रहा होता है लेकिन असल में तो भक्ति इस परम पिता परमात्मा को प्राप्त करने के बाद ही इंसान के जीवन में आती है। उक्त विचार संत निरंकारी सत्संग भवन माधवनगर में ...
विद्यार्थियों में उद्यमिता और स्वावलंबन का संचार, दिगंबर जैन विद्यालय से उद्यमिता सम्मेलन का शुभारंभ
कटनी (प्रबल सृष्टि) विश्व उद्यमिता दिवस के अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत उद्यमिता सम्मेलन के प्रथम कार्यक्रम का शुभारंभ दिगंबर जैन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कटनी में किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के 105 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों के रूप में प्रांत सह महिला कार्य प्रमुख श्रीमती वंदना गेलानी , स्वावलंबी भारत अभियान के जिला समन्वयक धन्य कुमार गांधी, दिगंबर जैन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के अध्यक्ष एवं स्वदेशी जागरण मंच के कोषाध्यक्ष आशीष जैन तथा विद्यालय के प्राचार्य संजय कुमार जैन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद श्रीमती अलका अग्रवाल द्वारा स्वदेशी गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए धन्य कुमार गांधी ने विद्यार्थियों को स्वावलंबी भारत अभियान के उद्देश्यों, कार्यों एवं गतिविधियों की जानकारी दी। इसी क्रम में प्रांत सह महिला कार्य प्रमुख श्रीमती वंदना गेलानी ने उद्यमिता सम्मेलन के विषय एवं उद्देश्य को विद्यार्थियों के समक्ष रखते हुए उन्हें प्रेर...