कटनी (प्रबल सृष्टि) नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले ही जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले का कोई भी निजी विद्यालय, विद्यार्थियों या अभिभावकों को किताबें, यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूते या अन्य शैक्षणिक सामग्री किसी एक निर्धारित दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा है कि विद्यार्थी और अभिभावक अपनी सुविधा और पसंद के अनुसार खुले बाजार से शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। यदि किसी भी विद्यालय या पुस्तक विक्रेता द्वारा दबाव बनाने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर द्वारा बुधवार को माध्यमिक शिक्षा मंडल, सीबीएसई एवं आईसीएसई से संबद्ध सभी निजी स्कूलों के संचालकों और प्रबंधकों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि मध्य प्रदेश निजी विद्यालय (फीस एवं संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम-2017 एवं नियम 2020 के तहत किसी भी छात्र या अभिभावक को चयनित विक्रेता से सामग्री खरीदने क...
निगम एमआईसी की बैठक, महापौर श्रीमती सूरी की अध्यक्षता में संपन्न, वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट अनुशंसित, स्वीकृति हेतु परिषद सम्मिलन की ओर प्रेषित
कटनी (प्रबल सृष्टि) - नगर निगम की मेयर इन काउंसिल की बैठक बुधवार 25 मार्च को महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट, प्रधानमंत्री आवास योजना के बीएलसी घटक के हितग्राहियों की सूची का अनुमोदन, आईएचएसडीपी योजनान्तर्गत भवनों को आपसी सहमति से बदलने, चैराहों के नामकरण सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की जाकर सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक के दौरान निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार, मेयर इन काउंसिल सदस्य सर्व श्री सुभाष साहू, डॉ रमेश सोनी, उमेन्द्र ओमी अहिरवार, सुरेन्द्र गुप्ता, जयनारायण निषाद, श्रीमती बीना संजू बैनर्जी, सुमन राजू मखीजा, तुलसा गुलाब बेन उपायुक्त शैलेष गुप्ता सहित निगम के समस्त विभागीय अधिकारी कर्मचारियों की उपस्थिति रही। वित्तीय वर्ष का बजट अनुशंसित, स्वीकृति हेतु परिषद की ओर प्रेषित नगर पालिक निगम द्वारा वित्तीय वर्ष 2026 -2027 के लिए तैयार किए गए बजट प्रस्ताव को सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त होने के पश्चात अब परिषद के समक्ष विचारार्थ एवं स्वीकृति हेतु प्रेषित कर दिया गया...