कटनी (प्रबल सृष्टि) यूनिटेक क्रिकेट क्लब, कटनी मध्यप्रदेश द्वारा त्रिकोणीय क्रिकेट श्रृंखला-5 (अक्टूबर–नवंबर 2026) आयोजित की गई। इस अवसर पर समापन एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत कटनी के उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा की गरिमामय उपस्थिति रही। श्री विश्वकर्मा ने खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। श्री विश्वकर्मा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम है, बल्कि अनुशासन, टीम भावना एवं आपसी भाईचारे की सीख भी देता है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. शोभित चौदहा (शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ), जितेंद्र कुमार पटेल (एसडीएम कटनी) एवं अतुलेश सिंह जी (तहसीलदार,) की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस सफल आयोजन के लिए यूनिटेक क्रिकेट क्लब के अध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी, संयोजक तुषार भट्टाचार्य, संरक्षक आलोक चक्रवर्ती, उपाध्यक्ष विनय जादवानी, महासचिव गजेंद्र सिंह तोमर (जीएसटी), कोषाध्यक्ष ...
ब्रिटिश कंपनी की जहरीली विरासत पर हाईकोर्ट सख्त - कैमोर में 10 लाख टन एस्बेस्टस युक्त जहरीले कचरे का मामला, हजारों लोगों की जिंदगी खतरे में; केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी
कटनी, (प्रबल सृष्टि) मध्यप्रदेश के कटनी जिले के कैमोर नगर में दशकों से फैले एस्बेस्टस (खतरनाक रेशेदार खनिज) युक्त औद्योगिक कचरे और उससे उत्पन्न गंभीर स्वास्थ्य संकट को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण हस्तक्षेप किया है। माननीय मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर ने इस गंभीर पर्यावरणीय एवं जनस्वास्थ्य से जुड़े मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार सहित संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि ब्रिटिश कंपनी टर्नर एंड न्यूऑल पीएलसी द्वारा वर्ष 1934 में कैमोर में स्थापित एस्बेस्टस फैक्ट्री से निकले खतरनाक अपशिष्ट का वर्षों तक आसपास के क्षेत्रों में निस्तारण किया गया। इसके परिणामस्वरूप कैमोर के आवासीय इलाकों, सार्वजनिक स्थानों और अन्य क्षेत्रों में एस्बेस्टस युक्त कचरे के मौजूद होने की गंभीर आशंका है। याचिका के अनुसार, औद्योगिक गतिविधियों से उत्पन्न इस जहरीली विरासत का दुष्प्रभाव आज भी स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ रहा है। एक लाख नहीं, लगभग 10 लाख टन जहरीले कचरे का खतरा याचिका में प्रस्तुत पर्यावरण...