एक्सिडेंटल क्लेम - बीमा कंपनी को 2 लाख की बीमा राशि, उसपर 9% वार्षिक ब्याज के साथ मानसिक कष्ट के लिए क्षतिपूर्ति राशि देने आयोग ने दिया आदेश, अधिवक्ता नानक देवानी ने बताया सम्भवतः यह कटनी जिला तथा मध्य प्रदेश का ऐसा पहला मामला
कटनी (प्रबल सृष्टि) जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग कटनी में दर्ज केस C.C. 20/2021 में परिवादी ने अपने पति की दुर्घटना में मृत्यु के बाद डेबिट कार्ड से जुड़े बीमा का क्लेम किया था, क्योंकि उनके पति के खाते में Union Bank of India द्वारा जारी RuPay International Debit Card पर ₹2,00,000 का एक्सीडेंटल बीमा कवर था। 08.01.2019 को सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने के बाद समय पर क्लेम किया गया, लेकिन बीमा कंपनी ने दावा अस्वीकार कर दिया, जिसके कारण उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया गया। सुनवाई के बाद आयोग ने पाया कि दुर्घटना से मृत्यु और समय पर क्लेम सिद्ध है तथा बीमा कंपनी द्वारा क्लेम अस्वीकार करना सेवा में कमी है, इसलिए बीमा कंपनी को ₹2,00,000 की बीमा राशि 02.11.2020 से 9% वार्षिक ब्याज सहित देने, साथ ही मानसिक कष्ट के लिए ₹10,000 और वाद व्यय ₹2,000 देने का आदेश दिया गया।
इस मामले में परिवादी की ओर से पेरवी अधिवक्ता नानक देवानी एवं उनके सहयोगी अधिवक्ता रुचित शुक्ला, मुस्कान चीजवानी, पायल मंगलानी तथा मनु साहू ने की, और सम्भवतः यह कटनी जिला तथा मध्य प्रदेश का ऐसा पहला मामला माना जा रहा है जिसमें एटीएम डेबिट कार्ड के एक्सीडेंटल इंश्योरेंस क्लेम के लिए उपभोक्ता आयोग में दावा किया गया। इस संबंध में युवा अधिवक्ता नानक देवानी ने बताया कि लोगों में जागरूकता की कमी के कारण उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि जिस ATM, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड का वे उपयोग करते हैं, उनमें भी एक्सीडेंटल क्लेम की व्यवस्था होती है, जिसमें उपभोक्ता की दुर्घटना से मृत्यु या स्थायी अपंगता की स्थिति में बीमा दावा किया जा सकता है, लेकिन क्लेम प्रस्तुत करने की एक निश्चित समय सीमा होती है जिसमें दिनों का विशेष महत्व होता है और पूरी प्रक्रिया एक श्रृंखलाबद्ध (चेन सिस्टम) तरीके से संचालित होती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में माननीय आयोग द्वारा आज दिनांक को निर्णय पारित किया गया है।

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