सुबह 11 बजे प्रारंभ हुई जनसुनवाई में जलभराव, पेयजल संकट, स्वच्छता व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत, अतिक्रमण, स्ट्रीट लाइट और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए। महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी ने प्रत्येक आवेदक की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई मामलों में मौके पर ही त्वरित निर्णय लेते हुए समाधान कर संबंधितों को राहत प्रदान की।
जनसुनवाई के दौरान महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे केवल औपचारिकता या कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि समस्याओं के वास्तविक और स्थायी समाधान के लिए जमीनी स्तर पर सक्रियता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का मूल उद्देश्य नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित करना है।
मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कुल 40 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
महापौर श्रीमती सूरी ने कहा कि नगर निगम प्रशासन नागरिकों के विश्वास और संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। जनसुनवाई इसी विश्वास को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करने और प्राथमिकता के आधार पर उनका शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि शहरवासियों को नगर निगम के माध्यम से बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकें।


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