कटनी में नगर निगम की 100 करोड़ की 7 एकड़ जमीन पर भूमाफिया का कब्जा; प्रशासन और नगर निगम की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
कटनी (प्रबल सृष्टि) शहर के हृदय स्थल पर स्थित नगर पालिक निगम कटनी की लगभग 7 एकड़ (2.86 हेक्टेयर) बहुमूल्य शासकीय भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जे और खरीद-फरोख्त का मामला गरमाता जा रहा है। रचना नगर कॉलोनी में प्रियदर्शनी बस स्टैंड के ठीक सामने और राधिका होटल के पीछे स्थित इस बेशकीमती जमीन का बाजार मूल्य 100 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। इसके बावजूद जिम्मेदार प्रशासन और नगर निगम की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
रजिस्ट्री और अवैध निर्माण जारी, अधिकारी मौन
सक्रिय कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिकों के अनुसार, आसपास के भूमाफिया इस शासकीय भूमि को निजी बताकर आम नागरिकों को खुलेआम बेच रहे हैं, रजिस्ट्रियां करवा रहे हैं और पक्के मकानों का निर्माण भी धड़ल्ले से जारी है। परिणामस्वरूप, नगर निगम का आधिकारिक रकबा दिन-प्रतिदिन सिमटता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस संबंध में वर्ष 2019 से लगातार नगर निगम कटनी, सीएम हेल्पलाइन, माननीय महापौर और कलेक्टर कटनी को लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन आज तक न तो जमीन का सीमांकन (Demarcation) किया गया और न ही इसकी सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण हुआ।
जनहित और निगम की आय के लिए सुझाए गए थे बेहतरीन विकल्प
वर्ष 2019 में ही इस बहुमूल्य भूमि के सदुपयोग और नगर विकास के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए थे, जिन पर अब तक कोई अमल नहीं हुआ है। इन प्रस्तावों में प्रमुख हैं:
* भव्य नगर निगम मार्केट कॉम्प्लेक्स एवं मल्टी-लेवल पार्किंग का निर्माण।
* इंदौर की तर्ज पर 56 दुकानों वाला चौपाटी एरिया व हॉकर्स जोन।
* तिब्बती विंटर मार्केट और त्योहारी बाजार के लिए विकसित खुला क्षेत्र।
* नगर निगम का शासकीय विद्यालय, हरा-भरा पार्क तथा सार्वजनिक उपयोग के लिए सुलभ शौचालय कॉम्प्लेक्स।
वर्तमान में कटनी शहर में छोटे दुकानदारों, हॉकर्स और व्यवस्थित चौपाटी के लिए उचित स्थान का अभाव है। यदि इस भूमि पर ये योजनाएं क्रियान्वित की जाएं, तो जहां एक ओर शहरवासियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, वहीं दूसरी ओर नगर निगम को एक नया और मजबूत आय स्त्रोत भी प्राप्त होगा।
सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा की मांग
शासकीय दस्तावेजों में यह भूमि स्पष्ट रूप से नगर निगम के नाम दर्ज होने के बावजूद भूमाफियाओं का सक्रिय होना प्रशासनिक निष्क्रियता को दर्शाता है। यदि समय रहते इस पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो नगर निगम की यह अमूल्य संपत्ति पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और भविष्य में गंभीर कानूनी विवाद पैदा होंगे।
प्रमुख मांगें:
* तत्काल सीमांकन: नगर निगम तत्काल प्रभाव से इस 7 एकड़ भूमि का सीमांकन कराए।
* बाउंड्री वॉल: भूमि को सुरक्षित करने के लिए तुरंत पक्की बाउंड्री वॉल का निर्माण हो।
* सख्त कार्रवाई व कार्ययोजना: भूमाफियाओं पर कानूनी शिकंजा कसा जाए और सार्वजनिक-व्यावसायिक उपयोग के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए।
कटनी की जनता अब यह देखने का इंतजार कर रही है कि क्या नगर निगम प्रशासन अपनी इस बहुमूल्य संपत्ति को बचाने के लिए जागेगा, या फिर भूमाफियाओं को इसे पूरी तरह हड़पने का अवसर मिलता रहेगा।


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