कटनी न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला - ₹5.90 लाख के चेक बाउंस पर आरोपी को 6 माह की जेल और ₹9,08,600/- का हर्जाना, व्यापारिक विश्वास की जीत
कटनी (प्रबल सृष्टि) जिला न्यायालय कटनी में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट पुष्पेन्द्र मोहन गर्ग की अदालत ने चेक अनादरण के बहुचर्चित प्रकरण SC NIA 15/2022 नितेश मेहानी बनाम राजेश डोडानी में कड़ा फैसला सुनाते हुए चेक की साख को बरकरार रखा है।
![]() |
| अधिवक्ता नानक देवानी |
प्रकरण के अनुसार परिवादी नितेश मेहानी ने आरोपी राजेश डोडानी, प्रो. मनीष गारमेंट्स, माधवनगर कटनी को कपड़ा सप्लाई किया था। भुगतान के एवज में आरोपी ने बंधन बैंक शाखा कटनी के खाते से कुल ₹5,90,000/- के 6 चेक दिए थे, जो दिनांक 10.12.2019 व 16.12.2019 को "Funds Insufficient" से अनादरित हो गए। वैधानिक नोटिस दिनांक 26.12.2019 के बाद भी भुगतान न करने पर न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय में चली बहस में आरोपी ने चेक खाली होने की दलील दी। जिसे न्यायालय ने धारा 139 NI Act की उपधारणा और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के Rangappa Vs Mohan (2011) 2 SCC 441 के सिद्धांत के आलोक में खारिज कर दिया।
माननीय न्यायालय ने आरोपी राजेश डोडानी, माधवनगर, कटनी को धारा 138 NI Act में दोषसिद्ध करते हुए 6 माह साधारण कारावास एवं ₹9,08,600/- प्रतिकर 9% वार्षिक ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया। प्रतिकर न देने पर 1 माह अतिरिक्त सश्रम कारावास होगा जिसका ज़िक्र निर्णय में किया गया।
इस प्रकरण में परिवादी की ओर से मजबूती के साथ पैरवी अधिवक्ता नानक देवानी, अधिवक्ता रुचित शुक्ला, अधिवक्ता मुस्कान चीजवानी एवं अधिवक्ता मन्नू साहू ने की है।
यह फैसला व्यापारिक लेन-देन में चेक के सम्मान की जीत है।

Comments
Post a Comment