मानव सेवा ही सच्चा धर्म, बाबा माधवशाह सेवा मंडल ने निराश्रित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने सिलाई मशीनों का वितरण किया
कटनी (प्रबल सृष्टि) सतगुरु बाबा माधवशाह सेवा मंडल जो निराश्रित परिवारों को सेवा के लिए संकल्पित है "मानव सेवा ही सच्चा धर्म" के प्रेरणा स्त्रोत से निरन्तर सेवाएं प्रदान कर रहा है। सतगुरु बाबा नारायणशाह साहिब जी ने उस समय जीवों की दयनीय दशा देख निराश्रित परिवारों के पालन पोषण उत्थान हेतु 1960 मे सतगुरु बाबा माधवशाह सेवा मंडल का गठन किया जो आज तक निरन्तर सेवाएं प्रदान कर रहा है।
सतगुरु बाबा नारायणशाह साहिब जी ने जो निराश्रित परिवारों की सेवा का बीज रोपा था वह आज वटवृक्ष बन गया है अनेक प्रकार की सेवाएं सतगुरु सांई ईश्वरशाह साहिब जी की प्रेरणा से जारी हैं। प्रतिमाह दो सौ से अधिक निराश्रित परिवारों को गेंहू आटा, चावल, दाल, नमक, शक्कर, किराना मसालें, सर्फ साबुन, तोष बिस्कुट नमकीन सहित 20 प्रकार जिन्स परिवार की सदस्य संख्या के आधार पर माह के प्रथम रविवार को भोर प्रातः प्रदान किये जातें हैं।
सतगुरु सांई ईश्वर शाह साहिब जी की प्रेरणा से समय-समय पर अनेक उपहार निराश्रित परिवारों को प्रदान किये जाते जैसे बर्तन, डोंगा सेट, स्टील टिफिन, स्टील बाल्टी, कम्बल, चादर, चटाई, पानी की टंकी इत्यादि के साथ साथ कपड़े चिकित्सा सेवाएं, बच्चों को पढ़ाई हेतु कापियां किताबे, विकलांगों को ट्राई साइकिल, सभी समाज के लिए नि: शुल्क आक्सीजन सिलेंडर 24 × 7 उपलब्ध रहते। माताओं-बहनों को आत्म निर्भर बनाने हेतु सिलाई मशीनें वितरित की जाती एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
उसी कड़ी में सतगुरु सांई ईश्वर शाह साहिब जी के पावन सानिध्य में बाबा माधव शाह भवन में जरूरतमन्द माताओं बहनों के लिए सिलाई मशीन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया माताओं बहनों को आत्म निर्भर बनाने हेतु सिलाई मशीनो का वितरण पुर्व में भी किया गया जिन जरुरतमन्द माताओं बहनों ने 2026 में आवेदन किया था उनमें से 70 माताओं-बहनों को उसकी पात्रता योग्यता के अनुसार चिन्हित किया गया जिन्हे आज सिलाई मशीन प्रदान किया गया सतगुरु जी के श्री हस्त से प्रथम 13 माताओं बहनों को प्रदान किया गया शेष को समाज के प्रबुद्ध समाज सेवियों के द्वारा दिए गए । जिन सिलाई मशीनों के आवेदन नियत तिथी के बाद आए उन्हें भी पात्रता के आधार पर अतिशीघ्र प्रदान किए जाएंगे।
सतगुरू जी समझते हैं कि जो दूसरो के जख्मों पर मरहम लगाते हैं उनके जख्म अपने आप ठीक होते हैं आप किसी की मदद करते है तो उनके दिल से जो दुआएं निकलती है वे बड़े कमाल की होती है दूसरों की मदद करने वाला सदा सुखी रहता है।
सतगुरु जी ने निराश्रितों की सेवा करने के लाभ समझाते हुए सतगुरु साहिबानों के जरुरतमन्द मानवो पर किए उपकारों को याद किया आज माधवनगर सम्पन्न हो रहा है उस समय बहुत गरीबी निराश्रित परिवार रहते हैं आप साहिबान की कृपा से उत्थान हुआ सतगुरु की अनेक उपकारी लीलाएं जीवों पर हुई जिसकी गणना सम्भव नहीं गणियां गणत न जाए।




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