कटनी के एक बालक की मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया .. हर साल सैंकड़ो की तादाद में उच्च शिक्षा की हसरत रखे छात्रों को बाहर जाना पड़ रहा, स्वास्थ्य - शिक्षा के मामले में तो सिर्फ भगवान भरोसे .. यहां के नेताओं में वह इच्छा शक्ति क्यों नहीं ?
कटनी ( मुरली पृथ्यानी) उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए दिल्ली पढ़ने गया एक छात्र अब वापस कभी नही लौटेगा। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 मंजिला इमारत हादसे में कटनी के अक्षत यादव की मलबे में दबकर हुई मौत अत्यंत दुखद है। अक्षत इसी बिल्डिंग में रहकर डीयू से बी कॉम ऑनर्स की पढ़ाई कर रहा था। हर साल सैंकड़ो की तादाद में उच्च शिक्षा की हसरत रखे छात्रों को बाहर जाना पड़ रहा है। क्यों ? आखिर यहां कौन सी उच्च शिक्षा मिलती है यहां तो कुछ भी नही एक यूनिवर्सिटी तक नही है यूनिवर्सिटी की शिक्षा पाने तक बाहर जाना पड़ता है। आखिर ऐसी कौन सी बड़ी सुविधा है जिसका लाभ यहां नागरिक उठाते हैं शिक्षा के लिए तो पूरा कटनी जिला जानता है कि यहां के बच्चे अन्य शहरों में पढ़ रहे हैं क्योंकि उन्हें उच्च शिक्षा हासिल करनी है कटनी में अगर होती तो क्या वह छात्र बाहर जाते ? स्वास्थ्य के मामले में भी तो हमारा कटनी अत्यंत पिछड़ा हुआ है। जबलपुर नागपुर और बड़े शहरों की ओर आकस्मिक जरूरत पड़ने पर जिला वासी भागते हैं हमारा शहर बस जमीनों के कारोबार में प्राइवेट बिल्डरों के कारोबार में ही इसे विकास समझ के बैठा हुआ है ना कोई यूनिवर्सिटी न कोई सिलेबस का कुछ विकल्प या वर्तमान और भविष्य की जरूरत को देखते हुए इस और कोई भी प्रयास किया गया हो यह समझ में नहीं आता। आज शहर के एक बालक की मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया है अगर वह बाहर नहीं जाता पढ़ने तो शायद वह हमारे बीच में होता पर क्या हमेशा ऐसे ही चलता रहेगा ? बस जैसा चलता है वैसे ही चलेगा आखिर यहां के नेताओं में वह इच्छा शक्ति क्यों नहीं है ? कि वह अपने कटनी के लिए हक मांगे या बस जो राजनीतिक पार्टियां करती रहेंगी इसी में वह जी हुजूरी करते रहेंगे और इधर नागरिकों को जरूरी सुविधाओं के लिए कुछ नहीं है। आज कटनी इतना पिछड़ा हुआ है कि स्वास्थ्य और शिक्षा के मामले में तो सिर्फ भगवान भरोसे ही काम चल रहा है।

Comments
Post a Comment