शरीर की छोटी सी हड्डी भी दुर्घटनाओं में टूट जाए तो महीनों आदमी सीधा नहीं हो पाता, नुकसान इससे बहुत हो रहा है
कटनी ( मुरली पृथ्यानी ) सड़क पर सुरक्षित यातायात एक बहुत बड़ी उपलब्धि होती है अगर ऐसा नहीं है तो रोज ही लोग वाहनों की टक्कर से घायल होते हैं कई बार बात मृत्यु होने तक पहुंच जाती है।
सड़क पर हादसों की वजह से पीड़ित लोग महीनों बिस्तर पर पड़े रह जाते हैं और उनका यह कष्ट कोई नहीं समझ पाता कई बार अपंगता तक हो जाती है। जिससे आदमी के जीवन घर गृहस्थी पर फर्क पड़ जाता है और यह उसके नजदीक वाले ही समझ पाते हैं। जहां ठोकर हुई जिस ने टक्कर मारी वह सिर्फ एक आंकड़ा भर बनकर रह जाता है लेकिन नतीजा बहुत गंभीर होता है। शरीर की छोटी सी हड्डी भी अगर इन दुर्घटनाओं में टूट जाए तो महीनों आदमी सीधा नहीं हो पाता इसका सबसे बड़ा कारण है सड़क पर लापरवाही और बेलगाम तरीके से वाहनों को भगाना। पुलिस की डायरी रोज ही ऐसे हादसों से भरती रहती है कहीं कोई दो पहिया वाहन किसी को टक्कर मार रहा है कहीं कार, ट्रक, डंपर किसी को चोट पहुंचा रहा है इसके बाद के परिणाम बेहद गंभीर हो जाते हैं। अस्पताल का खर्चा, एक्स-रे और अगर किसी के साथ कोई नहीं है तो अकेला ही पड़ा रहता है अस्पतालों में। उसके परिवार वाले दुख समस्या परेशानी उठाते है, देखा जाए तो सही मायने में अभी भी लोगों में सड़क पर चलने की संवेदनशीलता बहुत कम नजर आती है इसमें वह सुधार नहीं होता जैसा अपेक्षित रहता है।
वाहन चालक को सड़क पर पूर्ण समझदारी दिखानी चाहिए, दाएं बाएं के नियम अनुसार रफ्तार नियंत्रित होनी चाहिए, टेकओवर करने की सोच भी नहीं रखनी चाहिए, सड़क पर कहीं भी चलते हुए वाहन नहीं खड़ा कर देना चाहिए जिससे पीछे वाला भी टक्कर मार सकता है। कुल मिलाकर रफ्तार समझदारी ऐसी बहुत सी चीजों को ध्यान में रखना चाहिए क्योंकि दिनों दिन यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है, वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है कौन कैसी गाड़ी चला रहा है यह भी बहुत कम देखा जाता है, नुकसान इससे बहुत हो रहा है यह बहुत ही गंभीर प्रकृति का मामला है इस पर विशेष ध्यान दिए जाने की हर वक्त जरूरत रहती है।

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