कटनी के स्टोन पर बना रहे अनमोल "कौड़ी" शिल्पकार जितेन्द्र बेगढ़ ने कहा- कटनी का सेंड स्टोन काफी साफ्ट, शिल्प बनाना आसान
कटनी ( प्रबल सृष्टि )- कौडि़यों के मोल.. मुहावरे का उपयोग लोग आम भाषा किसी बहुत सस्ती वस्तु के लिए करते हैं लेकिन कटनी में एक ऐसी कौड़ी बन रही है, जो अनमोल है। दरअसल कटनी के स्टोन को एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत चुना गया है और स्टोन को बढ़ावा देने के लिए जागृति पार्क में 9 नवंबर से 28 नवंबर तक कटनी स्टोन आर्ट फेस्टिवल आधारशिला का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देश के कई राज्यों से आए शिल्पकार कटनी के स्टोन पर कलाकृतियां उकेर रहे हैं।
उन शिल्पकारों में इंदौर से आए शिल्पकार जितेन्द्र बेगढ़ भी शामिल हैं। कई साल से पत्थर पर शिल्पकारी कर रहे जितेन्द्र कटनी स्टोन आर्ट फेस्टिवल में कटनी के स्टोन पर विशाल "कौड़ी" का निर्माण करने में जुटे हैं। शिल्पकार जितेन्द्र का कहना है कि कटनी के स्टोन पर कला दिखाने का उनका यह पहला अवसर है। उनका कहना है कि कटनी का पीला स्टोन काफी साफ्ट है और इस कारण से उसपर शिल्प बनाना आसान है। 30 साल से शिल्पकला से जुड़े बेगढ़ का कहना है कि कटनी के पत्थर पर बहुत संभावनाएं हैं और स्टोन फेस्टिवल से निश्चित ही इसे एक नई पहचान मिलेगी।
कौड़ी लक्ष्मी का प्रतीक, इस कारण चुना
कटनी के स्टोन को अपनी हुनर से विशाल कौड़ी का आकार देने में जुटे शिल्पकार बेगढ़ का कहना है कि कौड़ी मां लक्ष्मी का प्रतीक मानी जाती है। कटनी के स्टोन पर मां लक्ष्मी की कृपा बने, इसी को सोचकर उन्होंने पत्थर को कौड़ी का आकार देने का चुनाव किया। पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर व खनिज विभाग में वरिष्ठ प्रशिल्पी के पद पर पदस्थ जितेन्द्र का कहना है कि उन्होंने पहले भी जयपुर, बैंगलोर, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, गोवा, पूना जैसी जगह में आर्ट गैलरी लगाई हैं, जिनमें सभी प्रकार की शिल्प का प्रदर्शन किया लेकिन कटनी में स्टोन पर शिल्पकारी का यह अपने तरह का अलग ही आयोजन है।


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