कटनी। ( मुरली पृथ्यानी ) कहते हैं संत न होते जगत में तो जल मरता संसार यह बात पूर्णतः सत्य है। क्योंकि संत महात्मा ही हमें अंधकार से उजाले की ओर ले जातें है। यह उजाला होता है ज्ञान का। सही मायने में जब पूर्ण संत की कृपा मिलती है तो रूह अपने असल रूप को देख पाती और इससे जुड़ कर संसार की असल यात्रा को तय करती है तभी मनुष्य का जीवन कष्टों से दूर रहकर पूर्ण और सार्थक होता है। पूर्ण संत की कृपा प्राप्त किये बगैर इंसान पूर्णताः को प्राप्त भी नही कर सकता। संत आवाज देतें है और समय रहते इसकी कद्र करनी चाहिए क्योंकि ये समा बीत गया फिर कुछ नही बनने वाला और संसार के दुख वो अलग। आज सतगुरु साईं ईश्वर शाह जी का अवतरण दिवस है और यह हम सबकी खुशकिस्मती है कि इस युग में हमें साईं जी की छत्र छाया मिली हुई है। बरसात का पानी जहां भी पहुँचता है मिट्टी को उपजाऊ बनाता हैं बस इनकी रहमतें हमेशा मिलती रहें और साईं जी कृपा करना हमें अपनी प्रीत और प्रभू की भक्ति बख्शना।

Comments
Post a Comment