कटनी ( मुरली पृथ्यानी ) देश की कई जगहों से शिल्पकार हमारे कटनी शहर में आकर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित कटनी स्टोन फेस्टिवल में अपनी सहभागिता बढ़ चढ़कर दे रहें है जहां वे अपनी कला को आकार देने में लगें हैं। ऐसे ही एक शिल्पकार विनय अम्बर जो अपनी टीम के साथ जबलपुर से पधारे हैं उनसे कुछ चर्चा करने का मौका मिला। सबसे पहले तो उनसे इस बात को लेकर उत्सुकता जाहिर की कि आप पत्थर में किस मूरत को तराश रहे हैंं तो उन्होंने बताया कि वे महिला सशक्तिकरण पर शिल्प बना रहें हैं जिसमें मछलियां पानी में नही बल्कि खुले में उड़ती नजर आएंगी। यह सुन मुझे जिज्ञासा जाग गई कि पत्थरों में छिपे वे शिल्प जिन्हें जल्द ही हम देख सकेंगे जिसे साकार करने का काम चल रहा है। उन्होंने इस आयोजन को प्रदेश में अपने स्तर का पहला आयोजन बताया, वे कहतें हैं जबलपुर के तेवर में शिल्प कला के लिए पत्थर कटनी का प्रयोग किया जाता है। उनका मानना है कि कटनी में जितनी होटलें हैं अगर वे अपने जिले का उपलब्ध पत्थर का प्रयोग करतें है तो यह कटनी के लिए और भी अच्छा हो सकता है।
इस फेस्टिवल में महाराष्ट्र, हरियाणा के शिल्पकार भी अपनी कल्पनाओं को आकार देने में लगे हुए हैं। यहां पहुँचने वाले आम लोग भी जिनमे खासकर महिलाओं को उत्सुकता है कि जल्द वे निर्मित शिल्प कला को देखें। दोपहर से ही आयोजन यहां शुरू हो जातें है जिसमें विविध कार्यक्रमों में शामिल होकर एक विशिष्ट पन महसूस किया जा सकता है। कुछ दिन बाद सभी शिल्पकार अपने स्थानों पर लौट जाएंगे लेकिन रह जाएंगी वे कला जो हमेशा अपने आप में कुछ कहेंगी बस कद्रदानी करने की ही तो थोड़ी जरूरत है जो अपने कटनी का ही नाम ऊंचा करेंगी।




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