( मुरली पृथ्यानी ) मप्र में पंचायत चुनाव की तारीखें घोषित हुई हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों की राजनीति में तेजी आएगी वहीं शादी ब्याह का सीजन भी है ऐसे में कोरोना को लेकर चिंता बढ़ी है। ये सभी जानतें हैं कि जब कोरोना बेकाबू होने लगता है तो लॉक डाउन आखरी विकल्प बचता है लेकिन पिछले दो सालों के लॉक डाउन ने आर्थिक मोर्चे को कमजोर किया है ऐसे में कोई भी नही चाहता है कि परिस्तिथियाँ बिगड़े और माहौल प्रतिकूल हो जाए। इस बार कोरोना का नया वेरिएंट साउथ अफ्रीका से आया है और पुराने वेरिएंट के भी 9 हजार मामले देश भर में सामने आ रहें है और मौतों का आंकड़ा भी 391 है। इससे समझा जा सकता है कि मोर्चा अभी पुराने वेरिएंट से ही चला आ रहा है ऊपर से यह नया वेरिएंट चिंता की लकीरें खींच चुका है। इसी वर्ष 2021 में बहुत जनहानि हुई है बहुत जनों ने अपने प्रियजनों को खोया है और आर्थिक नुकसान अलग से हुआ है। इसलिए वक्त की नजाकत यही कहती है कि मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग को हर हाल में अपनाए रखना है और जिन्होंने वैक्सीन नही लगवाई है वे अपने और अपने परिवार जनों के हित के लिए इसे लगवा लें। बस इतना समझ लीजिए आगे हालात प्रतिदिन बनने वाली परिस्तिथियों अनुसार निर्मित होंगे वैसे अभी घबराने की बजाए सिर्फ जागरूकता ही अपनाना है और यही जागरूकता भरे उपाय ही सुरक्षा कवच हैं।
( मुरली पृथ्यानी ) मप्र में पंचायत चुनाव की तारीखें घोषित हुई हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों की राजनीति में तेजी आएगी वहीं शादी ब्याह का सीजन भी है ऐसे में कोरोना को लेकर चिंता बढ़ी है। ये सभी जानतें हैं कि जब कोरोना बेकाबू होने लगता है तो लॉक डाउन आखरी विकल्प बचता है लेकिन पिछले दो सालों के लॉक डाउन ने आर्थिक मोर्चे को कमजोर किया है ऐसे में कोई भी नही चाहता है कि परिस्तिथियाँ बिगड़े और माहौल प्रतिकूल हो जाए। इस बार कोरोना का नया वेरिएंट साउथ अफ्रीका से आया है और पुराने वेरिएंट के भी 9 हजार मामले देश भर में सामने आ रहें है और मौतों का आंकड़ा भी 391 है। इससे समझा जा सकता है कि मोर्चा अभी पुराने वेरिएंट से ही चला आ रहा है ऊपर से यह नया वेरिएंट चिंता की लकीरें खींच चुका है। इसी वर्ष 2021 में बहुत जनहानि हुई है बहुत जनों ने अपने प्रियजनों को खोया है और आर्थिक नुकसान अलग से हुआ है। इसलिए वक्त की नजाकत यही कहती है कि मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग को हर हाल में अपनाए रखना है और जिन्होंने वैक्सीन नही लगवाई है वे अपने और अपने परिवार जनों के हित के लिए इसे लगवा लें। बस इतना समझ लीजिए आगे हालात प्रतिदिन बनने वाली परिस्तिथियों अनुसार निर्मित होंगे वैसे अभी घबराने की बजाए सिर्फ जागरूकता ही अपनाना है और यही जागरूकता भरे उपाय ही सुरक्षा कवच हैं।

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