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फरार ईनामी आरोपी राहुल बिहारी गिरफ्तार, बाहर भागने की फिराक में था आरोपी, कब्जे से लोडेड देशी कट्टा बरामद

कटनी ( प्रबल सृष्टि ) थाना कोतवाली कटनी के बहुचर्चित लूट के मामले में लंबे समय से फरार चल रहा आरोपी राहुल सिंह उर्फ बिहारी को पकड़ने में कोतवाली पुलिस को सफलता प्राप्त हुई है। पकड़ा गया आरोपी राहुल सिंह उर्फ राहुल बिहारी लंबे अरसे से फरार चल रहा था जिसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में तकनीकी टीम की मदद से जानकारी संकलित की जा रही थी। आरोपी की गिरफ्तारी हेतु चार अलग-अलग टीमों के द्वारा इंदौर, दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं बिहार में में जाकर दविश दी गई। जो दिनाक 14 .09. 2025 को तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी को ट्रेस करने में सफलता प्राप्त हुई। पूर्व में दिनांक 12.06.2025 को थाना कोतवाली कटनी क्षेत्रातर्गत सब्जी मंडी राधाबाई मार्केट में गोपाल गिफ्ट स्टोर दुकान में तीन अज्ञात लड़कों के द्वारा चाकू दिखाकर दुकान के संचालक सुरेश मोटवानी की राहुल बिहारी के साथ पूर्व में घटित हुए मामले में राजीनामा करने की धमकी देते हुए 10000 रू लूट की घटना घटित की गई थी। जिसकी रिपोर्ट थाना कोतवाली कटनी में अप.क्र. 518/25 धारा 232, 296, 351(3), 309(4), 61(2), 3(5) बीएनएस का पंजीबद्ध किया जा...

जांच दल ने बरगवां में संचालित अवैध पैथालॉजी को किया सील

कटनी ( प्रबल सृष्टि ) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटनी  प्रमोद कुमार चतुर्वेदी के निर्देश पर  अधिकारियों के दल ने जांच के बाद बरगवां  में संचालित अवैध राधे पैथालाजी को सीलबंद कर दिया है। जांच दल के सदस्यों में नायब तहसीलदार  (पहाड़ी) अतुलेश सिंह, डॉ राजेन्द्र सिंह ठाकुर हड्डी रोग विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय, जागेश्वर पाठक राजस्व अधिकारी नगर पालिका निगम के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री चतुर्वेदी की उपस्थिति मे राधे पैथोलॉजी को सीलबंद किया गया ।  पैथोलॉजी की जॉच मे पाया गया कि पैथोलॉजी का संचालन  आशीष मिश्रा के द्वारा किया जा रहा है, जो डीएमएलटी की ड्रिग्रीधारी, जॉच रिपोर्ट मे इनके द्वारा ही हस्ताक्षर किये जा रहे थे। पैथोलॉजी के पास न तो प्रदूषण विभाग का प्रमाण पत्र, न ही बायोमेडिकल बेस्ट निस्तारण सर्टिफिकेट और न ही  पंजीयन प्रमाण पत्र पाया गया है। आशीष मिश्रा के द्वारा अनाधिकृत रूप से पैथोलॉजी का संचालन किया जा रहा है। जिस कारण से इनकी लैब को सील करने की कार्यवाही की गयी।

भक्त यही भगवान के आगे करता है अरदास सदा, तुझ पर ही विश्वास टिका हो, रहे सदा एहसास तेरा, संत निरंकारी सत्संग भवन माधवनगर में बहन सोनिया नावानी जी ने विचार व्यक्त किए

कटनी ( मुरली पृथ्यानी ) परमात्मा ही सत्य है, परमात्मा की प्राप्ति सतगुरु के द्वारा होती है। जब जिज्ञासु सतगुरु की शरण में गया और चरणों पर दंडवत प्रणाम करके उसने कहा, "हे मेरे सतगुरु! मैं तेरी शरण आया हूं, मेरा कल्याण करें।" तब सतगुरु ने ये ब्रह्मज्ञान रूपी दौलत उसकी झोली में डाल दी। सतगुरु माता जी ने भी हम सभी पर विश्वास किया, मौखिक पांच प्राण दिए। तो ये अमोलक दात हमारी झोली में आ गई। जब ब्रह्म ज्ञान मिला, जब निरंकार को देखा तो हूबहू वही निरंकार जिसका धार्मिक ग्रंथों में ज़िक्र है। श्रीमद्भागवत गीता में आता है ना, कि इसे शस्त्र काट नहीं सकता, इसे पानी भीगो नहीं सकता, इसे आग जला नहीं सकती, इसे हवा उड़ा नहीं सकती। ये नापा नहीं जा सकता, इसका ओर है न छोर। जो परमात्मा की निशानियां बताई गईं, वही परमात्मा सतगुरु ने हमें अंग-संग दिखला दिया। निरंकार को देखकर जब इस पर विश्वास हो गया, तो निरंकार को दिखाने वाले सतगुरु पर भी विश्वास टिक गया। उक्त विचार संत निरंकारी सत्संग भवन माधवनगर में रविवार के सत्संग कार्यक्रम में पवित्र हरदेव वाणी के शब्द पर बहन सोनिया नावानी जी ने व्यक्त किए। आदरणी...

ज्ञान मन में टिकते ही सारे भरम भूलेखे दूर हो जाते हैं, जैसे दिया जलते ही अंधेरा चला गया, संत निरंकारी सत्संग भवन माधवनगर में महात्मा अविनाश राजपाल जी ने विचार व्यक्त किए

कटनी ( मुरली पृथ्यानी ) यह लम्हा, यह जीवन में जो घड़ी आई है, यह कोई मामूली घड़ी नहीं है, क्योंकि जहां भी महापुरुष संत जन एक साथ बैठ के जब हरि की चर्चा करते हैं, तो उसकी अपनी ही बात होती है कि जिसको बयान नहीं किया जा सकता, शुक्राना सतगुरु का है कि हमें यह घड़ी दी है। निरंकार है कर्ता जगत का, सारा संसार जो रचा हुआ है इसमें यह पेड़-पौधे, यह मानव की रचना, जंतुओ की रचना, यह जब स्वयं करके निरंकार इसी के बीच में छिप गया है और इस निरंकार को जानने का तरीका सतगुरु है और सतगुरु की पहचान तो हमने कर ली है और अब सतगुरु ने जो हमें निरंकार का दीदार कराया, वह भी बहुत बड़ी बात है और इस ज्ञान की समझ की कदर कर पाए और जिस तरह से ये निरंकार हमारे जीवन में जरूरी है, वह पैगाम, वह संदेश हम अपने आस-पड़ोस, अपने परिवार जनों तक भी पहुंचा सके क्योंकि अगर यह जो जन्म मिला है, यह जन्म अगर छूट गया, तो फिर वही जन्म हमारे हिस्से आ जाएगा कि जब हम देखते हैं, कहीं सड़क पे कोई जानवर गिरा हुआ है, कई ऐसे कीड़े-मकोड़े जो हमारे पैरों के नीचे आ जाते हैं तो, यह स्थिति देखी जाए कि मेरी ही स्थिति होती अगर मैंने इस परमात्मा की प्राप्...

सतगुरु वो ज्ञान का सागर है, जिसमें जो संत डुबकी लगाता है वो मोती चुन के लाता है, संत निरंकारी सत्संग भवन माधवनगर में 15 अगस्त को आयोजित मुक्ति पर्व में नैनपुर से पधारीं बहन सुनीता महलवंशी जी ने विचार व्यक्त किए

कटनी ( मुरली पृथ्यानी ) साधसंगत जी,  परमात्मा माता है, पिता है, बंधु है, सखा है, इसके आगे अरदास करें, प्रार्थना करें, मेरे मालिक, भक्ति और संतों का संग और सत्संग सदा देते रहना, यही अरदास है, यही प्रार्थना। अभी हम सब मिल के, संत निरंकारी मिशन द्वारा 15 अगस्त को मुक्ति पर्व के रूप में यह दिन आयोजित किया जाता है। यह आयोजन युग पुरुष बाबा अवतार सिंह जी महाराज, जगतमाता बुद्धवंती जी, ममतामयी राजमाता जी, युग निर्माता माता सविंदर हरदेव जी की दिव्यता, विनम्रता इनको याद किया जाता है। उनके साथ-साथ उन सभी सत्य के लिए समर्पित संत महात्मा, उनका तप त्याग वो भी याद किया जाता है। यह पर्व ऐसा है कि इसमें पुराने संत महात्माओं को भी याद किया जाता है जिन्होंने तप, त्याग, तपस्या, साहस, बलिदान, संघर्ष, अपना जो कुछ भी दिया है, ये मिशन को दिया है। ऐसे पुरातन संत महात्माओं को भी याद किया जाता है। हम बड़े भाग्यशाली हैं, वो पुरातन संत महात्माओं ने तो इतना कष्ट सहा है उन्हें प्यार नहीं मिलता था फिर भी वो सत्य के प्रचार के लिए दौड़े-दौड़े जाते थे। उक्त विचार संत निरंकारी सत्संग भवन माधवनगर में शुक्रवार 15 अगस्त को...

पिंजरो धरो रह जाने एक दिन, आत्मा का पंछी उड़ जाएगा, जब लग तेल दिए में बाती, जगमग जगमग हो रही, संत निरंकारी सत्संग भवन माधवनगर में नागौद से पधारे महात्मा अनूप सुंदरानी जी ने विचार व्यक्त किए

कटनी ( मुरली पृथ्यानी ) साध संगत, सब के चेहरों पर खुशियां हैं, होठों पर मुस्कान है और अवसर है बड़ी नजदीकी से निरंकारी राजपिता जी को निहारने का उनके आशीर्वाद को प्राप्त करने का, अवसर है उनके पावन चरणों में नमस्कार करने का। महात्माओं से सुना भी है लेकिन अगर हम केवल सुन लेते हैं काम चलने वाला नहीं, सुनना है तो बुनना भी है और बुनना है तो गुनना भी है, हम सब विद्यार्थी रहे हैं स्कूल - कॉलेज में हमारे टीचर्स ने क्या पढ़ाया हमने नोट्स बनाए याद किया और याद इसलिए किया क्योंकि साल में एग्जाम है और उस एग्जाम में मिलने वाले मार्क्स बता देते हैं कि आपने कितनी मेहनत की, कितना टीचर ने पढ़ाया, आपने कितना पढ़ा कितना लिखा। वो साल में एग्जाम होता है लेकिन हम इस संसार में विचरण कर रहे हैं यहां रोज एग्जाम होती है, रोज परीक्षा होती है, कभी मेरे धैर्य की परीक्षा होती है, कभी मेरे सब्र की परीक्षा होती है, कभी मेरी सहनशीलता की परीक्षा होती है, कभी मेरी विनम्रता की परीक्षा होती है। उक्त विचार संत निरंकारी सत्संग भवन माधवनगर में रविवार के सत्संग कार्यक्रम में नागौद से पधारे महात्मा अनूप सुंदरानी जी ने उपस्थित सा...

गुरसिख का जीवन माया से होशियार रहता है, हर पल चेतन अवस्था में गुरु की शिक्षाओं को अपनाते हुए जीवन जीता है, संत निरंकारी सत्संग भवन माधवनगर में रविवार के सत्संग में बहन प्रेरणा रोहरा जी ने विचार व्यक्त किए

कटनी ( मुरली पृथ्यानी ) सतगुरु की असीम कृपा से यह शुभ घड़ी यह शुभ वेला गुरसिख के हिस्से में आती है तो वह गुरसिख अपने जीवन को और सजाता है और संवारता है, यह संगत की घड़ियां गुरसिख के जीवन में वह उजाला वह रोशनी लाती है जिससे वह अपने जीवन में और निखार लाता है। आज बहुत बहनों ने भाईयों ने विचार द्वारा गीत द्वारा अपने भाव रखे, वह भाव उस रूप में उन्होंने अपने जीवन में पा करके फिर इसका बखान किया है यह सिर्फ शब्द बोल तक सिर्फ सीमित नहीं थे वह उनके जीवन का बखान था कि किस प्रकार यह ज्ञान उजाला ले करके उनके जीवन में वह रोशनी आई है वह आनंद मिला है। अवतार वाणी की वह लाइनें भी इशारा कर रहीं है कि जिसके अंदर हर हर वस्या हर रंग विचे एक रंग रहे। इस जीवन में रहते हुए माया में किस तरह विचरते हुए भी गुरसिख का जीवन एक रंग में रंगा हुआ, गुरु के रंग में रंगा हुआ जब यह ज्ञान उजाला जीवन में मिल जाता है यह ज्ञान जीवन में उतर जाता है तो वह अवस्था बनती है गुरसिख की,  जिस प्रकार एक कमल का फूल होता है, रहता तो कीचड़ में है फिर भी वह उससे न्यारा सुन्दर होता है। उक्त विचार संत निरंकारी सत्संग भवन माधवनगर में रविवार ...

बजरंग राइस मिल के शासकीय कस्टम मिलिंग चावल की फर्जी रिपोर्ट बनाने वाले नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों पर न्यायालय ने एफआईआर करने के दिए निर्देश

कटनी ( प्रबल सृष्टि ) बजरंग राइस मिल के शासकीय कस्टम मिलिंग चावल की फर्जी रिपोर्ट बनाने वाले नागरिक आपूर्ति निगम के तत्कालीन जिला प्रबंधक संजय सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम मुख्यालय भोपाल के गुणवत्ता नियंत्रक आर.आर.शर्मा, एल.एन.गुप्ता एवं अन्य के विरुद्ध न्यायालय ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किये हैं। प्राप्त जानकारी अनुसार मामला इस प्रकार है कि बजरंग राइस मिल के प्रोपराइटर ईश्वर रोहरा द्वारा दिनांक 23 मई 2022 को नागरिक आपूर्ति निगम के तत्कालीन जिला प्रबंधक संजय सिंह को लोकायुक्त जबलपुर से 60,000/- की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़वाया था, तब संजय सिंह ने ईश्वर रोहरा से बदला लेने के लिए नागरिक आपूर्ति निगम के मुख्यालय भोपाल से अपने मातहत उच्च अधिकारियों को बोल कर गुणवत्ता निरीक्षक आर आर शर्मा एवं एल एन गुप्ता को 29 मई 2022 को कटनी बुलवा लिया और mpwlc के अधिकृत पायल,पीईजी आदि गोदामों में नागरिक आपूर्ति निगम के द्वारा ही स्वीकृत ईश्वर रोहरा की बजरंग राइस मिल के चावल को फेल करवा दिया और इस आधार पर बजरंग राइस मिल का शासकीय मिलिंग का कार्य बंद करवा दिया और इस फेल चावल को बदलने का नोटिस जारी कर ...

वर्षाकाल के दौरान प्रदाय किए जाने वाले पेयजल का किया जाए सतत् परीक्षण - महापौर

कटनी (प्रबल सृष्टि) महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी ने वर्षाकाल के दौरान जल स्त्रोतो से प्रदाय किये जाने वाले पेयजल के नमूनों का सतत् परीक्षण करने के निर्देश नगर निगम की जल प्रदाय शाखा के अधिकारियों को दिए हैं। कई बार अतिवृष्टि एवं बाढ़ के कारण जल प्रदूषित हो जाता है, उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिन जल स्त्रोतों से नगर में आमजन को पेयजल प्रदाय किया जाता है उस जल का वर्षाकाल के दौरान सतत् परीक्षण किया जाए, ताकि नागरिकों को दूषित जल से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि पेयजल दूषित न हो इसके लिए किये जाने वाले प्रबंधन की कार्यवाही उच्च प्राथमिकता से की जाये। इसके साथ ही पेयजल स्त्रोतो से जल प्रदाय लाईनो के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में शीघ्रता पूर्वक मरम्मत करते हुए पेयजल प्रदाय किया जाए। महापौर श्रीमती सूरी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया है कि बारिश के दौरान ज्यादातर बीमारियां प्रदूषित जल का उपयोग  करने से ही फैलती है इसलिए आवश्य है कि पेयजल स्त्रोतों हैंडपंप, ट्यूबवेल, कुओं सहित अन्य जल स्त्रोतों के आसपास पर्याप्त दवा का छिड़काव किया जाना सुनिश्च...

जिसने अपनी अकड़ को मार दिया वह जिंदा हैं, अकड़ तो मृतक होने की निशानी है, संत निरंकारी मिशन की मासिक पत्रिका संत निरंकारी के जून माह में संपादक हरजीत निषाद ने मुक्ति, अहंकार और आसक्ति जैसे विषय पर बड़ी खूबसूरती से लिखा है

( प्रबल सृष्टि ) संसार में रहना है पर संसार में गहरी आसक्ति नहीं रखनी; जैसे नाव ने पानी में रहना है लेकिन पानी नाव में आ जाए तो नाव को डुबा देगा। इसीलिए बाबा हरदेव सिंह जी ने कहा "जितनी गहरी आसक्ति, उतना गहरा दुख।" संत निरंकारी मिशन की मासिक पत्रिका संत निरंकारी के जून माह के सम्पादकीय में महात्मा हरजीत निषाद ने मुक्ति, अहंकार और आसक्ति जैसे विषय पर बड़ी खूबसूरती से लिखा है। संपादक ने लिखा है कि सफलता का श्रेय परमात्मा परम को; कमियां रह गईं तो संभवतः मेरे प्रयास में ही कोई कमी रह गई होगी और कैसे मान गवां कर हनुमान जी सन्त शिरोमणि भक्त कहलाए। बलशाली होते हुए भी उन्होंने अपनी शक्तियों का दंभ नहीं किया यह बताता है कि अहंकार ही सभी मन के रोगों का मूल है और संसार के प्रति आसक्ति मन को एकरस नहीं रहने देती। यहां संपादकीय अक्षरशः पेश है जिसे अवश्य पढ़ा जाना चाहिए यह सभी के लिए हितकर है। अकड़ और पकड़ से भाव, अहंकार और आसक्ति से है। जब अकड़ त्यागकर हम सत्गुरु के चरण पकड़ते हैं तो ब्रह्मज्ञान मिलता है और जीवन को इसका वास्तविक अर्थ भी। ज्ञान पाकर, ज्ञान की राह पकड़नी है। सत्संग, सेवा, सुमिरण ...