80 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है.. लेकिन जब ओव्हर-लोडिंग, ओव्हर-स्पीडिंग पर पूरी तरह रोक लगे
कटनी। (प्रबल सृष्टि) ओव्हर लोडिंग और ओव्हर स्पीडिंग नागरिकों की जान माल के लिए खतरा पैदा कर देता है खासकर जब यह रिहायशी क्षेत्रों और बीच बाजार से गुजरते हैं इसके लिए शासन और विभागों के तमाम निर्देश भी हैं। नियमानुसार कार्य करके तो 80 प्रतिशत दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है लेकिन तब जब ओव्हर-लोडिंग, ओव्हर-स्पीडिंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही हो। आवश्यक जाँच-पड़ताल, नियमानुसार कार्यवाही और लोगों को जागरूक करने से ही बड़ा बदलाव आ सकता है। सड़क सुरक्षा के लिये सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार गठित समितियों की नोडल एजेंसियों में परिवहन, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य, आबकारी एवं सड़क निर्माण से संबंधित विभाग हैं। इन नोडल एजेंसियों का कर्त्तव्य है कि वे लोगों के जीवन को बचाने में अपना शत-प्रतिशत योगदान दें। सड़क दुर्घटनाओं के कारणों को जानकर दुर्घटना से पहले ही रोकथाम के पर्याप्त उपाय सुनिश्चित करना होता है इससे दुर्घटनाओं में कमी लायी जाकर लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती हैं। जहां भी ओव्हर लोडिंग और ओव्हर स्पीडिंग होती है, आम जनता के जान माल की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
इधर कलेक्टर आशीष तिवारी ने ओव्हरलोडेड वाहनों, स्कूल बसों और बिना नंबर के वाहनों के विरूद्ध पुलिस, आरटीओ और खनिज विभाग के संयुक्त दल द्वारा जांच अभियान चलाया जाय। इसके अलावा स्कूल-कॉलेज के परिसर के आसपास तंबाकू, गाजा, स्मैक, विजयावटी नशे की गोली की अवैध रूप से बिक्री करने वाले दुकानों की आबकारी एक्ट के तहत जांच कर सख्त कार्यवाही के निर्देश सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति और जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुये दिए।
कलेक्टर श्री तिवारी ने पुलिस, आरटीओ और खनिज विभाग के संयुक्त दल द्वारा ओवरलोडेड वाहनों, स्कूल बसों एवं बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के विरुद्ध नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूल-कॉलेजों के आसपास तंबाकू, गांजा, स्मैक एवं नशीली गोलियों की अवैध बिक्री करने वाले दुकानों के विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करने को कहा।
स्पीड ब्रेकर सुरक्षा एवं दृश्यता पर फोकस
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि शहर के सभी स्पीड ब्रेकरों पर सांकेतिक चेतावनी चिन्ह लगाए जाएं तथा व्हाइट रेडियम युक्त थर्मोप्लास्टिक/रिफ्लेक्टिव मार्किंग कराई जाए। प्रमुख चौराहों एवं ब्लैक स्पॉट की पहचान कर गाइड साइन बोर्ड लगाए जाएं और व्हाइट स्टॉप लाइन सहित अन्य रोड मार्किंग सुनिश्चित की जाए। लखापतेरी एवं कश्यप ढाबा ब्लैक स्पॉट पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए।
लाइसेंस निरस्तीकरण और सख्त कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर ने लाइसेंस निरस्तीकरण योग्य प्रकरणों का डेटा तैयार कर आरटीओ को भेजने तथा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 (नशे की हालत में वाहन संचालन) के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। शहर में भारी वाहनों के अनधिकृत प्रवेश पर रैंडम चेकिंग अभियान चलाने और ओवरलोड व बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
भारी वाहनों के लिए विशेष दिशा-निर्देश
ओवरस्पीड भारी वाहनों में जीपीएस अनिवार्यता लागू कराने हेतु परिवहन व्यवसायियों की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। मंझगवा–बरही–बड़वारा मार्ग पर अवैध पार्किंग के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा केलवारा अंडरब्रिज से भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध हेतु रेलवे विभाग से समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
सार्वजनिक परिवहन सुरक्षा को लेकर अहम निर्णय
बसों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने हेतु बस संचालकों को प्रेरित करने और शहर के प्रवेश व निकास मार्गों पर चार ओवरस्पीड डिटेक्शन कैमरे स्थापित करने के लिए बजट प्रस्ताव तैयार कर समयबद्ध कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।
एनकॉर्ड बैठक में नशे के विरूद्ध विशेष रणनीति
कलेक्टर ने शैक्षणिक संस्थानों के आसपास दवा दुकानों पर बिकने वाली नशीली दवाइयों जैसे नाइट्रावेट, अल्फाजोलम एवं कफ सिरप के विरुद्ध पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा संयुक्त जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके लिए प्रभावी सूचना तंत्र विकसित करने और नार्कोटिक्स संबंधी सूचना हेतु विशेष दूरभाष नंबर जारी करने को कहा, जिससे सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जा सके।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, वनमंडलाधिकारी गर्वित गंगवार, सीएमएचओ डॉ. राज सिंह ठाकुर, यातायात निरीक्षक अनूप सिंह, आरटीओ संतोष पाल एवं उप संचालक खनिज रत्नेश दीक्षित सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी रही।

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