सम्पादकीय। कटनी का विकास रुक सा गया है, न कोई नया उद्योग न ही उसकी संभावना फिलहाल नजर आ रही है। कुछ साल पहले लमतरा में औद्योगिक क्षेत्र बसाया गया था लेकिन देखने में आया कि जो लोग पहले उद्योग चला रहे थे उनका यहाँ से मोहभंग हो गया। इसके बाद अमकुही में फूड पार्क बनाने की योजना बनी लेकिन कई वजहों से यह योजना भी मूर्त रूप नही ले पाई और अब यह संशय में ही है। इसके बाद माधव नगर का दाल उद्योग जो एक समय पूरे प्रदेश में चर्चित था यह भी वर्तमान में दयनीय अवस्था में दिखाई दे रहा है, अच्छे भले लोग बैंको के कर्ज में डूबे हुए हैं, जो लोग पहले छोटा मोटा उद्योग लगाते थे अब वही अपने बच्चों को छोटी दुकान ही खुलवा दे रहें है कि कम से कम उनकी रोजी रोटी चलती रहे, यहाँ के उद्योग वालों की मांगों पर भी कभी ध्यान ही नहीं दिया गया। कहने को ऑर्डनेंस फेक्ट्री के कर्मचारियों से पहले फुटकर व्यवसाय वाले खुश होते थे लेकिन यहाँ भी संख्या अब बेहद कम है। अब पिछले दशकों में जनसंख्या भी बढ़ी है पर क्या वर्तमान रोजगार की उपलब्धता काफी है क्योंकि रोजगार की आवश्यकता तो बढ़ती ही जाएगी। इस मुद्दे पर कोई राजनीतिक दल चर्चा नहीं करता, लगता है जैसे कटनी में रोजगार, उद्योग धंधे की जरूरत का कोई मुद्दा ही नहीं है। वर्तमान में प्रत्याशी कहाँ से हो इस बात की चर्चा हो रही है पर कटनी का भविष्य सुनहरा बने इसे लेकर कहीं कोई चर्चा नहीं, अब फिर चुनाव सर पर है इसलिए कटनी का भविष्य अच्छा हो यह देखने का यही सही समय है।

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