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प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले सिंधी भाषी विद्यार्थियों को दिलवाएंगे कोचिंग सुविधा

इन्दौर ( प्रबल सृष्टि ) प्रतियोगी परीक्षाओं कि तैयारी कर रहे प्रतिभावान सिंधी भाषी छात्र छात्राओं को इंदौर ,भोपाल और नागपुर जैसे नगरों में विभिन्न विषयों की कोचिंग की सुविधा दिलवाई जाएगी। आज सिंध मुहिंजी जीजल संस्था द्वारा  एसजीएसआईटीएस सभागृह में प्रदेश के सिंधी  भाषी अधिकारियों के सम्मान समारोह में  वैचारक सत्र में  इस बात पर सहमत बनी कि संघ लोक सेवा आयोग, मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ,बैंक सहित रेलवे की परीक्षा  की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।


इसके लिए भोपाल के प्रसिद्ध बैंक कोचिंग संस्थान सबधाणी इंस्टिट्यूट और नागपुर के दो कोचिंग संस्थान द्वारा  भी आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष मनोहर श्री ममतानी थे। उन्होंने कहा कि आज सिंधी भाषी प्रतिभाओं ने अपनी प्रतिभा के प्रमाण दिए हैं। कई वर्ष शरणार्थी शब्द का अपमानजनक संबोधन सुनने के बाद भी विनम्रता से परिश्रम के साथ सफलता प्राप्त की है। यह समाज कभी शरणार्थी न था न है। एक ही देश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर आकर बसने की विवशता थी। काफी तकलीफ भी समाज को भोगनी  पड़ी।  विस्थापित समाज ने स्वयं को परिश्रम के बल पर स्थापित किया है।


मध्य प्रदेश मेडिकल यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति डॉ धरम पाल लोकवाणी ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि वे बचपन से अध्ययनशील थे लेकिन विस्थापित सिंधी परिवारों के अभावग्रस्त होने की तकलीफ उन्हें भी उठानी पड़ी।  लेकिन श्रम और साधना से जीवन में 10 से अधिक प्रमोशन पाने में सफल हुए। इंदौर नगर में मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के प्रयास बढ़ाए जाने चाहिए। इसके साथ ही युवा पीढ़ी को भौतिकता से बचाकर संस्कार देने का कार्य भी निरंतर चलना चाहिए। किसी भी शहर में वृद्ध आश्रम होना प्रगतिशील समाज की निशानी नहीं है। कार्यक्रम में अधिकारियों का शाल और श्रीफल के साथ भगवान झूलेलाल की प्रतिमा द्वारा सम्मान किया गया। प्रारंभ में सुश्री गोमती चेलानी द्वारा सुखमनी के पद सुनाए गए। कार्यक्रम के संयोजक श्री किशोर कोडवानी ने कहा  जिन लोगों ने समाज का सम्मान बढ़ाया है उन्हें एक मंच पर सम्मानित करने का संस्था का यह मौलिक विचार था जिसे क्रियान्वित किया गया। हमारा उद्देश्य यह है कि आने वाले वर्षों में सिंधी भाषी प्रतिभाएं विभिन्न विभागों में प्रतिष्ठित पदों को सुशोभित करें। इसके लिए संस्था हर तरह का सहयोग प्रदान करेगी। कार्यक्रम में  बडी संख्या में  प्रबुद्ध जन मौजूद थे।



इनका हुआ सम्मान

जिन  सिन्धी भाषी  प्रशासनिक अधिकारियों का सम्मान हुआ उनमें सर्वश्री मनोहर ममतानी, मप्र मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष, डॉ धर्मपाल लोकवानी, संस्थापक कुलपति म.प्र. मेडिकल सांईस वि वि, अजय वर्मा सचिव देवी अहिल्या विवि, इंदौर,डॉ माधव हासानी, उप संचालक स्वास्थ्य, हरीश मोटवानी, पूर्व सहायक उपायुक्त पुलिस, अशोक मनवानी उप संचालक जनसंपर्क , मोहन मनवानी, अवर सचिव विधान सभा,  हेमन्त आसवानी, विधि अधिकारी  मप्र पुलिस, प्रो सुरेश कुमार मनवानी, फार्मेसी  विभागाध्यक्ष,  हर्षल बेहरानी, तहसीलदार, जयपाल खत्री, पुलिस आयुक्त ऑफिस ,पंकज बुटानी जी, न्यायाधीश, डॉ चन्द्रा सायता, पूर्व सहायक निदेशक भविष्य निधि, सुश्री प्रिया छतानी उप पुलिस अधीक्षक, रेखा सचदेव, तहसीलदार,  कु सपना खत्री, फिजिथेरेपिस्ट पुलिस,श्रीमती मृदुला श्रेयस सचवानी  और श्रीमती आशा वसंता पोस्ट।




कार्यक्रम का संचालन किशोर कोडवानी, आभार अनिल संगवानी ने माना ।




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