कटनी जिला अस्पताल को संभालना सिविल सर्जन डॉ के के जैन के बस की बात नहीं लगती , रोजाना मरीजो के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतों को तो यह नजरंदाज ही कर देते है पत्रकारों से भी दुर्व्यवहार करते है । इनके पास इस सवाल का जवाब ही नहीं था की अस्पताल में एक मरीज को कैसे दुसरे ग्रुप का रक्त चढ़ा दिया गया । इस अस्पताल के पेथोलोजी लैब वाले रक्त का सही ग्रुप तक नहीं बता पाते , ऐसे में इनकी रिपोर्ट के अनुसार चढ़ाया जा रहा रक्त अब मरीजो की जान पर बन आया है । जिला अस्पताल के इन लापरवाह कर्ताधर्ताओ पर प्रशासन कोई सख्ती नहीं करता इसलिए इनका ध्यान अपनी निजी क्लिनिक पर ज्यादा रहता है । ठीक से डाक्टरी तक न कर पाने वाले जिला अस्पताल के माईबाप बने हुए है । मरीजो के प्रति इनमे संवेदनाओ की कमी स्पस्ट दिखाई देती है ।इनकी कारगुजारियो को उजागर करता एक मामला अखबारों की सुर्खिया बना हुआ है ।
कटनी जिले की चारों सिंधी सेंट्रल पंचायतों की संयुक्त महापंचायत के महत्वपूर्ण निर्णय 1 जनवरी 2026 से होंगे लागू, माधवनगर पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र तीर्थानी ने सम्पूर्ण समाज जनों से सहयोग प्रदान करने अपील की, देखें वीडियो
कटनी ( प्रबल सृष्टि ) समाज में अनुशासन, मर्यादा और परंपराओं को बनाए रखने हेतु जिले की चारों सिंधी सेंट्रल पंचायतों की संयुक्त महापंचायत ने विगत 30 नवंबर को एक बैठक कुन्दनदास स्कूल शांतिनगर में आयोजित कर महत्वपूर्ण निर्णय पारित किए थे, जिसे समाज हित में 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाएगा। इसे लेकर पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत माधवनगर के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र तीर्थानी ने सम्पूर्ण समाज जनों से सहयोग प्रदान करने की अपील की है। समाज हित में पारित निर्णय - 1️⃣ बारात का आगमन: अधिकतम 3:00 बजे दोपहर तक अनिवार्य। 2️⃣ दूल्हे का प्रवेश: पैदल, निकट संबंधियों के साथ स्टेज पर। 3️⃣ दूल्हे के चारों ओर नृत्य: पूर्ण प्रतिबंधित। 4️⃣ पंचायती भोजन: केवल एक समय आयोजित। 5️⃣ बैंड-दल: केवल गेट तक; हॉल के अंदर प्रवेश निषिद्ध। 6️⃣ प्री-वेडिंग शूट: पूर्ण प्रतिबंध। 7️⃣ 13वीं का अवसर: सामूहिक या पंचायती भोजन पूर्णतः निषिद्ध, केवल निकट परिवार तक सीमित। 8️⃣ महिलाओं की पगड़ी-रसम: पुरुषों के समान नियम। 9️⃣ पगड़ी रसम में पंचायती भोजन एवं नाश्ता पूर्ण रूप से प्रतिबंध।
Comments
Post a Comment