कटनी जिला अस्पताल को संभालना सिविल सर्जन डॉ के के जैन के बस की बात नहीं लगती , रोजाना मरीजो के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतों को तो यह नजरंदाज ही कर देते है पत्रकारों से भी दुर्व्यवहार करते है । इनके पास इस सवाल का जवाब ही नहीं था की अस्पताल में एक मरीज को कैसे दुसरे ग्रुप का रक्त चढ़ा दिया गया । इस अस्पताल के पेथोलोजी लैब वाले रक्त का सही ग्रुप तक नहीं बता पाते , ऐसे में इनकी रिपोर्ट के अनुसार चढ़ाया जा रहा रक्त अब मरीजो की जान पर बन आया है । जिला अस्पताल के इन लापरवाह कर्ताधर्ताओ पर प्रशासन कोई सख्ती नहीं करता इसलिए इनका ध्यान अपनी निजी क्लिनिक पर ज्यादा रहता है । ठीक से डाक्टरी तक न कर पाने वाले जिला अस्पताल के माईबाप बने हुए है । मरीजो के प्रति इनमे संवेदनाओ की कमी स्पस्ट दिखाई देती है ।इनकी कारगुजारियो को उजागर करता एक मामला अखबारों की सुर्खिया बना हुआ है ।
Comments
Post a Comment