कटनी (प्रबल सृष्टि) - राजस्व से जुड़े मामले सीधे आमजन के जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए राजस्व अधिकारियों की भूमिका केवल प्रशासनिक न होकर संवेदनशील और मानवीय भी होनी चाहिए। अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे राजस्व प्रकरणों के निराकरण में पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ कार्य करें, ताकि आम नागरिकों को समय पर न्यायपूर्ण समाधान मिल सके। कलेक्टर आशीष तिवारी ने राजस्व अधिकारियों को यह नसीहत शनिवार को उनके कार्यों की समीक्षा के दौरान दी।
बैठक में अपर कलेक्टर नीलाम्बर मिश्रा, संयुक्त कलेक्टर जितेंद्र पटेल, सभी एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रदीप मिश्रा, सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार, जिला प्रबंधक लोक सेवा दिनेश विश्वकर्मा एवं जिला प्रबंधक ई- गवर्नेंस सौरभ नामदेव सहित भू-अभिलेख अधिकारियों की भी मौजूदगी रही।
कलेक्टर श्री तिवारी ने राजस्व विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे बैठक में पूरी तैयारी और अद्यतन जानकारी के साथ आना सुनिश्चित करें। साथ ही सी.एम हेल्पलाईन में लंबित शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण कराया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने अमृत सरोवरों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने और जल संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री तिवारी ने स्पष्ट किया कि राजस्व कार्यों में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है। यदि अधिकारी इन मूल्यों के साथ कार्य करेंगे, तो न केवल आमजन का विश्वास मजबूत होगा, बल्कि शासन और जिला प्रशासन की सकारात्मक एवं भरोसेमंद छवि भी स्थापित होगी।
कलेक्टर श्री तिवारी ने नामांतरण, सीमांकन, बटवारा प्रकरणों का निराकरण समय-सीमा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने राजस्व न्यायालयों के प्रकरणों में 2 से 5 वर्ष और 1 से 2 वर्ष से लंबित राजस्व मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही लघु सिंचाई संगणना का कार्य 30 अप्रैल तक पूरा करने की हिदायत दी। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के आवेदकों और हितग्राहियों के मामलों को निराकृत करने में गति लाने के निर्देश दिये और कहा कि राजस्व अधिकारियों से इन मामलों के शत-प्रतिशत निराकरण होने के आशय का प्रमाण-पत्र भी जमा करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री तिवारी ने साइबर तहसील में पटवारी आईडी में लंबित आवदेनों के निराकरण के मामलें में कार्यवाही न किये जाने पर भू-अभिलेख की प्रभारी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने इसके अलावा राजस्व वसूली, फार्मर आईडी आदि के कार्यों में भी तेजी लाने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया।
उपार्जन केंद्र में किसानों के लिए हों सुविधाएं
कलेक्टर श्री तिवारी ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समर्थन मूल्य पर गेंहू उपार्जन केंद्रों का सतत् निरीक्षण व निगरानी करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि उपार्जन केंद्रों में किसानों के लिए जरूरी सभी सुविधाएं उपलब्ध हो। उपार्जन केंद्र में बारदाने, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर इंटरनेट गुणवत्ता परीक्षण उपकरण एवं उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना और स्वच्छ पेयजल आदि की उपलब्ध्ता सुनिश्चित होनी चाहिए।


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