अपने हितों का ख्याल रखना कोई बुरी बात नहीं , लेकिन यदि हम अपने हितों तक ही सीमित होकर रह जाए और केवल अपनी स्वार्थपूर्ति के लिए ही प्रयास करे तो हमारा स्वार्थ बुरा सिदथ होगा । प्रकर्ति के नियमो में प्रत्येक व्यक्ति का स्वार्थ एक दुसरे व्यक्तियों के साथ इसलिए जुड़ा हुआ है ताकि हर इंसान को एक दुसरे की आवश्यकता का अहसास रहे। स्वाभाविक बात है की जब एक व्यक्ति केवल अपने ही स्वार्थ के लिए सोचेगा तो उसका स्वार्थ अवश्य दूसरों के स्वार्थ के साथ टकराएगा । ऐसी स्थिती में यदि इंसान परस्पर समझोते की राह नहीं अपनाएगा और अपनी स्वार्थपूर्ति के लिए हर योग्य अयोग्य साधन अपनाने का प्रयत्न करेगा तो उसकी जिद अवश्य दुसरो के लिए परेशानी बनेगी और दुसरे इस बात को बर्दाश्त नहीं करेंगे.
कटनी जिले की चारों सिंधी सेंट्रल पंचायतों की संयुक्त महापंचायत के महत्वपूर्ण निर्णय 1 जनवरी 2026 से होंगे लागू, माधवनगर पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र तीर्थानी ने सम्पूर्ण समाज जनों से सहयोग प्रदान करने अपील की, देखें वीडियो
कटनी ( प्रबल सृष्टि ) समाज में अनुशासन, मर्यादा और परंपराओं को बनाए रखने हेतु जिले की चारों सिंधी सेंट्रल पंचायतों की संयुक्त महापंचायत ने विगत 30 नवंबर को एक बैठक कुन्दनदास स्कूल शांतिनगर में आयोजित कर महत्वपूर्ण निर्णय पारित किए थे, जिसे समाज हित में 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाएगा। इसे लेकर पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत माधवनगर के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र तीर्थानी ने सम्पूर्ण समाज जनों से सहयोग प्रदान करने की अपील की है। समाज हित में पारित निर्णय - 1️⃣ बारात का आगमन: अधिकतम 3:00 बजे दोपहर तक अनिवार्य। 2️⃣ दूल्हे का प्रवेश: पैदल, निकट संबंधियों के साथ स्टेज पर। 3️⃣ दूल्हे के चारों ओर नृत्य: पूर्ण प्रतिबंधित। 4️⃣ पंचायती भोजन: केवल एक समय आयोजित। 5️⃣ बैंड-दल: केवल गेट तक; हॉल के अंदर प्रवेश निषिद्ध। 6️⃣ प्री-वेडिंग शूट: पूर्ण प्रतिबंध। 7️⃣ 13वीं का अवसर: सामूहिक या पंचायती भोजन पूर्णतः निषिद्ध, केवल निकट परिवार तक सीमित। 8️⃣ महिलाओं की पगड़ी-रसम: पुरुषों के समान नियम। 9️⃣ पगड़ी रसम में पंचायती भोजन एवं नाश्ता पूर्ण रूप से प्रतिबंध।
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