नगर निगम की 45 करोड़ की संपत्ति की कुर्की का संकट टला, पार्षद एवं अधिवक्ता मिथिलेश जैन ने कोर्ट में रखा निगम का पक्ष जिसे स्वीकार किया गया
कटनी ( प्रबल सृष्टि) नगर निगम कटनी को राजीव गांधी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से जुड़े बहुचर्चित प्रकरण में फिलहाल कानूनी तौर पर 45 करोड़ रुपये की संभावित वसूली से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट के इस निर्णय से नगर निगम की संपत्तियों पर मंडरा रहा कुर्की का खतरा टल गया है। नगर निगम पार्षद एवं अधिवक्ता मिथलेश जैन ने इस मामले में कोर्ट में निगम का पक्ष रखा जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया और नगर निगम को यह राहत दी।
ब्याज सहित 45 करोड़ रुपए और कुर्की के हालात
ठेकेदार मेसर्स खुशीराम एंड कंपनी के साथ चल रहे इस विवाद में नगर निगम को पूर्व में आर्बिट्रेशन, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक से निराशा हाथ लगी थी। ब्याज सहित यह राशि बढ़कर 45 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी थी। हालात यहां तक बन गए कि वर्ष 2019 से चल रहे निष्पादन प्रकरण के दौरान न्यायालय ने निगम के बैंक खातों और अचल संपत्तियों की जानकारी तक तलब कर ली थी।
इस तरह से मिली नगर निगम को सफलता
नगर निगम ने 28 नवंबर 2025 को परिषद की विशेष बैठक आयोजित की जिसमें इस मुद्दे पर गहन चर्चा हुई। महापौर, निगम अध्यक्ष और आयुक्त ने सर्वसम्मति से मामले में प्रभावी पैरवी के लिए पार्षद एवं अधिवक्ता - मिथिलेश जैन को निगम की पैरवी के लिए अधिकृत किया। अधिवक्ता मिथिलेश जैन ने सप्तम जिला न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव की कोर्ट में निगम की ओर से पक्ष रखा गया कि कॉमर्शियल कोर्ट अधिनियम की धारा 10 उपस्थित के तहत यह निष्पादन प्रकरण कटनी न्यायालय में चलने योग्य ही नहीं है। जिसे कोर्ट ने स्वीकार लिया। 29 जनवरी 2026 को न्यायालय द्वारा निष्पादन कार्यवाही समाप्त करने के आदेश से नगर निगम प्रशासन ने राहत की सांस ली है। यदि यह राशि निगम के कोष से कटती, तो नगर निगम आर्थिक रूप से कंगाल हो जाता। खास बात यह है कि मिथिलेश जैन ने निगम के लिए यह पैरवी निशुल्क रूप से की है।

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