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Monday, January 01, 2018

जिन्होने कभी सोचा ना था, उनके बच्चों के भविष्य को गढ़ने के लिये प्रशासन कोई ऐसी कोचिंग चलायेगा

कटनी /-जिले के विद्यार्थियों को अपना भविष्य संवारने के लिये अधिक से अधिक अवसर मिलें, इसके लिये जरुरी है उनकी प्रारंभिक शिक्षा बेहतर हो। इस दिशा में कटनी जिला प्रशासन सतत् रुप से प्रयास कर रहा है। जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टर विशेष गढ़पाले के मार्गदर्शन मे एक बड़ा नवाचार किया गया है। जिसके सार्थक परिणाम जिले के विद्यार्थियों के भविष्य में आशा की प्रखर किरण लेकर आयेंगे। यह प्रयास है, जिले के शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क नवोदय प्रवेश परीक्षा की कोचिंग।

            वर्तमान में 4690 विद्यार्थी, जिले के 53 केन्द्रों में संचालित निःशुल्क नवोदय कोचिंग में नवोदय प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। इसमें कटनी जनपद में 8 केन्द्र, बड़वारा में 9, बहोरीबंद में 10, रीठी में 7, ढीमरखेड़ा में 10 और विजयराघवगढ़ विकासखण्ड में 9 केन्द्रों में यह कोचिंग चल रही है। इसके लिये शिक्षकों की भी विशेष कोर टीम बनाई गई है। उन्हें प्रशिक्षित किया गया है। 12 जिलास्त्रोत समूह स्थापित किये गये हैं। जिनमें तकरीबन 159 प्रशिक्षक जिले के 4690 विद्यार्थियों को 53 केन्द्रों में नवोदय प्रवेश परीक्षा की तैयारी करा रहे हैं।

            इतना ही नहीं, नवोदय की कोचिंग कर रहे विद्यार्थियों में भी इसका खासा उत्साह है। अपना भविष्य संवारने के लिये जहां विद्यार्थी, उत्सुकता से जोश और जुनून के साथ नवोदय की तैयारी में जुटे हैं। वहीं उनके माता-पिता भी अपने बच्चे के बेहतर भविष्य के लिये कई जगह तो 10-10 किलोमीटर दूर से भी सुबह-सुबह बच्चों को कोचिंग लेकर स्वयं आ रहे हैं। कक्षा 6वीं में नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिये कटनी से 7012 फॉर्म भरे गये हैं। यह आंकड़ा मध्यप्रदेश में दूसरे स्थान पर है।

            जिले के विद्यार्थियों को निःशुल्क नवोदय कोचिंग के नवाचार की शुरुआत करने का श्रेय कलेक्टर को जाता है। जिन्होने ना सिर्फ निर्णय लिया, बल्कि जमीनी स्तर पर उसके क्रियान्वयन के लिये रणनीति भी बनाई। इसके लिये डाईट द्वारा जिलास्त्रोत समूह के 12 सदस्यों को प्रारंभिक स्तर पर प्रशिक्षण दिया गया। जिलास्त्रोत समूह के सदस्यों ने नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में मानसिक योग्यता, गणित और भाषा के मॉड्यूल बनाये। मॉड्यूल के आधार पर डाईट स्तर पर 159 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। जिसके बाद 1 सितंबर 2017 से अलग-अलग 53 केन्द्रों में नवोदय की तैयारी कराई जा रही है। यह कोचिंग 8 फरवरी 2018 तक चलेगी।

            उल्लेखनीय है कि बच्चों के कोचिंग में प्रवेश हेतु जिले की शासकीय प्राथमिक शालाओं में डाइट द्वारा तैयार प्रश्नपत्र के आधार पर पात्रता परीक्षा कराई गई थी। इसमें उच्चतम अंक प्राप्त बच्चों का पंजीयन कोचिंग केन्द्रो पर किया गया था। इसके लिये प्रत्येक जनशिक्षा केन्द्र में पालको की बैठक का आयोजन कर उन्हे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लाभ तथा बच्चों की पढाई एवं होमवर्क इत्यादि का ध्यान रखने के संबंध में चर्चा की गई।

            कोचिंग बेहतर ढंग से संचालित होती रहे, इसके लिये टीम की मॉनीटरिंग के प्रतिवेदन के आधार पर जिला शिक्षा केन्द्र के परियोजना समन्वयक, डाइट प्राचार्य एवं जिला शिक्षा अधिकारी कटनी द्वारा सुधारात्मक उपाय किए जाने की व्यवस्था बनाई गई है। प्रत्येक विषय से संबंधित पी.पी.टी. एवं वीडियो फिल्म इत्यादि के प्रदर्शन जनशिक्षा केन्द्र में उपलब्ध एल.सी.डी.व प्रोजेक्टर पर किया जा रहा है।

            जिला प्रशासन का यह प्रयास उन 4690 विद्यार्थियों के परिजनो के लिये किसी जादू से कम नहीं है। जिन्होने कभी सोचा भी ना था कि उनके बच्चों के भविष्य को गढ़ने के लिये प्रशासन कोई एैसी कोचिंग चलायेगा। जिसमें फ्री में उनके बच्चों को नवोदय स्कूल जैसे विद्यालय में प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराई जायेगी। इस प्रयास पर कुछ दिनों पहले नवोदय विद्यालय में आयोजित विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक में पहुंचकर विद्यार्थियों के पालकों के समूह में बड़वारा निवासी निखिलेश यादव, जगतपुर उमरिया सेे कैलाश प्रसाद कोरी, बड़ेरा सेे शेख शमीम, मनोज बर्मन, त्रिलोक यादव, रुपौंध से सुदामा प्रसाद दाहिया, हरेन्द्र यादव, एशरी यादव और चपहनी से तोरि लाल ने पुष्पगुच्छ देकर कलेक्टर का अभिवादन किया। साथ ही जिला प्रशासन के इस नवाचार की भूरि-भूरि सराहना भी की। जिस पर इस प्रयास का पूरा क्रेडिट अपनी टीम को कलेक्टर ने दिया।

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